चौखुटिया (अल्मोड़ा)। तीन साल पहले दैवीय आपदा में ध्वस्त हुई ग्राम पंचायत ढौन और रीठाचौरा की सड़क का निर्माण न होने से ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। गुस्साए ग्रामीणों ने भूमियां मंदिर में एकत्रित होकर अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी की। यहां हुई जनसभा में एक माह के भीतर कार्रवाई न होने पर रामनगर-चौखुटिया मोटर मार्ग में चक्काजाम करने के साथ ही चरणबद्घ आंदोलन के लिए रणनीति बनाने का ऐलान किया गया।
क्षेत्र में जून 2000 में आई दैवीय आपदा के दौरान ग्राम पंचायत ढौन और रीठाचौरा के लिए बनी सड़क ढौन से करीब एक किसी पहले ध्वस्त हो गई थी। जिससे ढौन, रीठाचौरा के अलावा तोक गांव सगन्यांणी, तलाई और बाड़ीगाड़ सहित निकटवर्ती गांवों के करीब एक हजार ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार गुहार लगाते रहे हैं परंतु सड़क टूटे तीन साल हो चुके हैं परंतु कोई सुनवाई नही हो रही है। सभा को बीडीसी सदस्य चेतना नेगी, प्रधान रीठाचौरा शर्मिला देवी, प्रधान ढौन बीना देवी, दरबान सिंह बिष्ट, सदानंद पांडे, कमला देवी, देवकी देवी, राधा देवी, एचसी कांडपाल, मुकेश पांडे और प्रेम प्रकाश आदि ने संबोधित किया। वहां दीपू बिष्ट, बालमसिंह, चंदन सिंह, हरीश सिंह, भूपेंद्र सिंह, खीमानंद, नंदन सिंह, जयंती देवी, कविता,गीता, उदली, मुन्नी, शारदा, चंपा, मंजू, शांति, तारा, हंसी, विमला, दीपक नेगी, अंजू और लीला देवी मौजूद रही।
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मंडल अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे भाजपा मंडल अध्यक्ष नारायण सिंह रौतेला को भी ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सांसद व शासन के माध्यम से मांग पर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। उनके साथ महामंत्री दीपक नेगी व गोपाल गिरी आदि भी थे। तय हुआ कि सभी दलों के लोग मिलकर अपने अपने नेताओं के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेजेंगे।