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शहादत के 21 साल बाद भी सड़क से नहीं जुड़ सका करगिल शहीद का गांव

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इस हालत में है शहीद इंद्र सिंह राणा के गांव को जोड़ने वाली स्वीकृत सड़क। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : RANIKHET
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। तहसील क्षेत्र के गांव तल्ली मिरई निवासी जांबाज इंद्र सिंह राणा तीन अगस्त 1999 को कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे, तब घोषणा होने के बावजूद उनके गांव तक रोड नहीं पहुंची है। हालांकि कफड़ा और तल्ली मिरई बैंड पर शहीद के नाम का गेट लगाकर खानापूरी कर दी गई है। तब कफड़ा से तल्लीमिरई गांव तक तीन किमी रोड बनाने की शुरुआत हुई, जिसमें कफड़ा से दो सौ मीटर तक सीसी मार्ग के बाद यह रोड एनएच से जुड़ी और उसके आगे तल्ली मिरई तक पुरानी घोड़ी सड़क को काटकर रोड बनाई गई है। इस तीन किमी मार्ग में करीब सात सौ मीटर रोड कटी ही नहीं है। इससे यह रोड अधूरी रह गई है। वहीं इसमें सोलिंग, डामर या सीसी कुछ भी न होने से यह एक पगडंडी बन गई है। तल्ली मिरई बैंड पर गेट और पार्क बना है और वहीं से गांव की ओर कुछ सीसी हुआ है। बमुश्किल 12 से 15 सौ मीटर तक कई टुकड़ों में बना यह सीसी मार्ग भी अब जीर्णशीर्ण हालत में है। शहीद के घर तक रोड न होने से तत्कालीन शासन, प्रशासन की घोषणाएं कोरी साबित हुई हैं। इस कारण ग्रामीणों में तंत्र के खिलाफ आक्रोश है।
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