लबे के कारण इस तरह से पटा है पारंपरिक नौला। संवाद
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। सड़क कटान के मलबे का प्रबंधन न होने के कारण कांडे गांव में मलबे से देवी मंदिर के पास वाले नौले समेत तीन पारंपरिक जल स्रोत बंद हो गए हैं। इस कारण ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। कांडे, विठोली के लोगों और पानी बोओ पानी उगाओ अभियान के संयोजक मोहन कांडपाल ने विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच जून को धरना, प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
इसके लिए ग्रामीणों ने शनिवार को एसडीएम कार्यालय के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। इसमें बताया कि द्वाराहाट-गवाड़-सुरईखेत और सिमलगांव-कांडे-सुरईखेत सड़क कटान के दौरान मलबे का उचित प्रबंधन नहीं किया गया। इस कारण सड़क कटान के मलबे के नीचे की ओर गिरने से कांडे, विठोली, फल्द्वाड़ी के कई जलस्रोत बंद हो गए हैं। ग्रामीण इन्हीं जलस्रोतों से पानी पीते हैं। इसके बावजूद लोनिवि ने जलस्रोत नहीं बचाए।
कांडे की प्रवासी कल्याण समिति दिल्ली ने भी एसडीएम को ज्ञापन देकर सड़क के मलबे को हटाने की मांग की थी। ज्ञापन में कहा गया है कि नौ से 17 जून तक गांव में भागवत कथा और श्रीकृष्ण रासलीला भी होनी है। इस कारण विभाग की कार्यप्रणाली के विरुद्ध विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच जून को सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक मंदिर में सांकेतिक धरना, प्रदर्शन किया जाएगा।