द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। बग्वालीपोखर के ऐतिहासिक तीन दिवसीय बग्वाई मेले का सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हुआ। लोक कलाकारों के साथ ही विद्यार्थियों ने रंगारंग कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति देकर संस्कृति के रंग बिखेरे।
बग्वालीपोखर में आयोजित बग्वाई कौतिक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। कौतिक की अंतिम शाम लोकगायक विनोद आर्या ने समदणी बग्वाई कौतिक, नमनै ईजा झटपट तू हैजा तैयारा... सहित कई गीत प्रस्तुत किए। वहीं लोक गायिका रुचि आर्या ने तू न्है जाली, घर को काम करी मेरी कमर पीड़ गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। नंदलाल आर्या ने झोड़ा गायन कर लोगों को संस्कृति की झलक दिखाई।
वहीं विहान और प्रवाह लोक कला केंद्र अल्मोड़ा के कलाकारों ने झोड़ा, चांचरी, छपेली, झुमैलो की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा, इनका आनंद लेने दर्शकों की भीड़ जुटी रही। समापन पर शुक्रवार को मेले में लोगों ने जमकर खरीदारी की। अच्छी बिक्री होने से व्यापारियों के चेहरे भी खिले रहे। मेला समिति अध्यक्ष हरीश भंडारी ने मेले के सफल आयोजन के लिए आभार जताया। यहां सचिव प्रमोद जोशी, कोषाध्यक्ष विनोद अधिकारी, जीवन अधिकारी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संतोष बिष्ट, डॉ. दीपक मेहता और बलवीर भंडारी ने संयुक्त रूप से किया। संवाद
छोलिया दल ने मचाया धमाल
द्वाराहाट। बग्वाई कौतिक में नेहरू युवा मंच के कलाकारों ने छोलिया नृत्य का मनमोहक प्रदर्शन किया। कलाकारों ने छोलिया नृत्य कर कुमाऊंनी संस्कृति के रंग बिखेरे। कलाकारों के साथ दर्शक भी जमकर थिरके।