जंगी पल्टन का स्थापना दिवस मनाते पूर्व सैनिक। संवाद
- फोटो : RANIKHET
रानीखेत (अल्मोड़ा)। जंगी पल्टन के नाम से प्रख्यात कुमाऊं रेजीमेंट की छठी बटालियन का 82वां स्थापना दिवस बटालियन के पूर्व सैनिकों की तरफ से समारोह पूर्वक मनाया गया। बटालियन के शौर्य, पराक्रम और वीरगाथा पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कुमाऊं रेजीमेंट की छठी बटालियन का 82वां स्थापना दिवस बुधवार को ताड़ीखेत में बटालियन के भूतपूर्व सैनिकों ने उत्साह से मनाया। वक्ताओं ने बटालियन के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक फरवरी 1941 को आगरा में छठी बटालियन की स्थापना हुई। कुमाऊं रेजीमेंट की इस बटालियन का दुश्मनों में भारी खौफ था।
विभिन्न युद्ध-ऑपरेशनों में बटालियन ने दुश्मनों के छक्के छुड़ाए। छठी बटालियन के पराक्रम के मद्देनजर इसे जंगी पल्टन के नाम से जाना जाता था। बटालियन के शौर्य, पराक्रम से अंग्रेजी हुकूमत भी काफी प्रभावित थी। प्रेरित होकर अंग्रेजी हुकूमत ने पल्टन को कई पदों से नवाजा था। इस मौके पर पूर्व कैप्टन बहादुर सिंह, सूबेदार आनंद बल्लभ पाठक, हवलदार देव सिंह कुवार्बी, नायब सूबेदार राम सिंह मेहरा, नरेंद्र सिंह आदि थे।