ईड़ा बाराखाम में बैसी के समापन पर धूंणी की परिक्रमा करते भगत। संवाद
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। ईड़ा-बाराखाम में 50 साल बाद आयोजित पौष माह की बैसी का समापन विशाल भंडारे के साथ हुआ। हरज्यू की धूंणी पर समापन अवसर पर तमाम अनुष्ठान संपन्न कराए गए। जागर में देवताओं का अवतरित किया गया। जहां कई ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हुआ। क्षेत्र और प्रदेश के खुशहाली की कामना की गई। धूंणी में बैसी पर नंदन सिंह, किशन सिंह नेगी, बिशन सिंह नेगी, लाल सिंह आदि बैठे थे। गुरू हरिदत्त फुलारा सहित तमाम आयोजकों ने बैसी में सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। पिछले 22 दिन की कठिन साधाना भगतों ने की। विभिन्न अनुष्ठानों के साथ जागर भी लगाई गई। समापन अवसर पर धूंणी में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।