सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। तहसील क्षेत्र के बोरारो घाटी में हाल में हुई भारी बारिश से धान की आधी फसल खेतों में ही सड़कर बर्बाद हो गई है। हालात ये हैं कि यदि आगे भी बारिश हुई तो धान की पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। मडुवे की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों में मायूसी है।
बोरारो घाटी के अर्जुन राठ, भानाराठ, सोमेश्वर, मल्ला खोली, ऋतुराठ, पल्यूड़ा, हट्यूड़ा, बैगनियां, मेहरा गांव, फल्याटी, चौड़ा, बनौदा, डिगरा, खर्कवालगांव, रनमन, मनान, भवरी राठ, चनौदा, माला, सर्प, दलमोड़ी, भंडारीगांव, रैत, दयारी, झुुपुलचौरा, लखनाड़ी, बड़गांव, मवे, बले आदि गांवों में धान का उत्पादन बहुतायत में किया जाता है। बारिश से कटी और खड़ी दोनों फसलों को नुकसान पहुंचा है। बारिश से खेतों में जलभराव भी हुआ है।
पराली, घास सड़ने से किसान नहीं कर पा रहे हैं संग्रहण
सोमेश्वर। दस दिनों से हो रही बारिश से धान की पराली और काटी गई घास भी सड़ गल गई है। किसान इस घास के लूटे तैयार नहीं कर पा रहे हैं। इससे आगामी दिनों में चारा संकट की स्थिति पैदा हो सकती है। किसानों ने बताया कि बारिश में भीगी घास को लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है। घास से चारा बैंक बनाना मुश्किल पड़ रहा है।
क्या कहते हैं किसान
दस दिन से हो रही बारिश से धान की आधी फसल बर्बाद हो गई है। इस बार फसल अच्छी हुई थीं लेकिन धान की मड़ाई के समय हुई बारिश से फसल को भारी क्षति पहुंची है। आधी फसल बर्बाद हो गई है। - शिव सिंह, टाना।
बारिश से धान की पराली और घास सड़ गल गई है। अब पराली और घास को सुरक्षित रख पाना मुश्किल हो गया है। इससे आगामी दिनों में चारा संकट की स्थिति पैदा हो जाएगा। अभी से इसकी चिंता सता रही है। - गोविंदी देवी, मल्ला खोली।
धान की आधी फसल तो बर्बाद हुई ही है साथ ही मडुवे की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। दोनों फसल क्षति ग्रस्त होने से किसान काफी परेशान हैं। यही फसल ही हमारी आमदनी का जरिया भी है। - विनोद पांडे, हट्यूड़ा।
पहले जंगली जानवर और अब बारिश से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। क्षतिग्रस्त फसल का किसानों को जल्द मुआवजा दिया जाना चाहिए तभी किसान आर्थिक मार से उबर पाएंगे। - राजेंद्र बोरा, भानाराठ।