विशेष सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने नाबालिग 11 वर्षीय पुत्री के साथ बलात्कार करने के आरोपी पिता को धारा 376 (2) और 5 (एन)/6 पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास औरपांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना पड़ेगा। न्यायालय ने पीड़िता को पॉक्सो एक्ट में एक माह के भीतर दो लाख रुपये मुआवजा राज्य सरकार से दिलाने और पीड़िता के वयस्क होने तक उसकी देखरेख और सुरक्षा करने के लिए भी राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं।
भनोली तहसील के एक गांव निवासी आरोपी पिता ने अपनी 11 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ बलात्कार किया। इसकी रिपोर्ट आरोपी की पत्नी ने थाना दन्यां में नौ अक्तूबर 2015 को दर्ज कराई। महिला थाना अल्मोड़ा द्वारा विवेचना करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
इस मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा के न्यायालय में चला। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैल्वाल ने न्यायालय में आठ गवाह परीक्षित कराए और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए।
विशेष सत्र न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का परीशीलन कर अभियुक्त पिता को धारा 376 (2) और 5 (एन)/6 पॉक्सो एक्ट में दोषी पाया। न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 376 (2) और 5 (एन)/6 पोक्सो एक्ट में आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त को छह माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।