सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने हत्या के एक मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
घटनाक्रम के अनुसार 28 अगस्त 2015 को तहसील अल्मोड़ा के न्योली हरड़ा गांव निवासी आरोपी हरीश राम का उसके भाई मंगल राम के बीच झगड़ा हो गया। आरोपी हरीश राम ने बहु और भाई से अभद्रता के साथ-साथ अपशब्द भी कहे। यह देखकर पड़ोस में रहने वाले दलीप राम (मृतक) ने आरोपी से यह सब करने को मना किया।
इस पर आरोपी हरीश राम ने दलीप राम को बीच में नहीं बोलने की धमकी दी और कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन में वार कर दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की बहु अंजू देवी ने क्षेत्रीय पटवारी को सूचना दी। राजस्व पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी हरीश राम को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया और कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली।
आरोपी के खिलाफ धारा 302, 504 के तहत मुकदमा चला। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अभिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा ने न्यायालय में सात गवाह परीक्षित करवाए। सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी हरीश राम को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास के साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। सत्र न्यायाधीश ने अपने फैसले में आरोपी को धारा 504 के तहत दो वर्ष की कठोर सजा और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर तीन माह का साधारण कारावास भी भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।