मुंबई से रानीखेत के लिए बुक कराया सामान एक महीने बाद भी नहीं पहुंचा है। ट्रांसपोर्ट कंपनी ने सामान बुकिंग के लिए 19 हजार रुपए एडवांस भी जमा कराए थे। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित दंपति ने कंपनी के खिलाफ स्थानीय कोतवाली के माध्यम से मुंबई के मलाड़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
त्रिभुवन कांप्लैक्स निवासी संदीप पाठक का तीन माह पहले मुंबई की मलाड़ निवासी मोहनी के साथ विवाह हुआ। मोहनी मलाड़ में शिक्षिका थी। फरवरी में दोनों ने रानीखेत शिफ्ट होने का निर्णय लिया। पुलिस के अनुसार 22 फरवरी को उन्होंने मलाड़ स्थित वैलकम रेलोकेशन इंडिया कंपनी से घर का सामान रानीखेत के लिए बुक कराया। सामान पहुंचाने का सौदा 23 हजार में तय हुआ। दंपति का कहना है कि उन्होंने 19 हजार रुपए एडवांस जमा किए थे। चार हजार रुपए चार दिन बाद रानीखेत सामान पहुंचने पर देने थे।
मगर 26 फरवरी को सामान नहीं पहुंचा। उन्होंने चार मार्च को कंपनी के नंबरों पर फोन किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया। दो दिन बाद कंपनी की तरफ से फोन आया कि सामान दिल्ली पहुंच गया है, लेकिन उनका वाहन खराब है, 7 मार्च को सामान पहुंचेगा। फोन करने वाला कहने लगा कि कंपनी के खाते में 17 हजार रुपए डाल दें। ठगी का अहसास होने पर मोहनी पाठक ने रानीखेत कोतवाली के माध्यम से मलाड़ थाने में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है, लेकिन वह पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि पुलिस आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। सामान में फ्रिज, कंप्यूटर, रसोई गैस सिलेंडर, कपड़े सहित तमाम जरूरी सामान है। इधर एसआई धीरज पंत ने बताया कि मलाड़ पुलिस को सूचना दे दी गई है।