वैद्य बनकर गांव में आए झोलाछाप पर विश्वास करना विकलांग को भारी पड़ गया। इसने विकलांग को जल्द अपने पांव पर खड़ा होने का झांसा देकर कथित केसर निर्मित दवा दी और दो हजार रुपये लेकर चंपत हो गया। जल्द चल-फिर सकने की उम्मीद में विकलांग ने वैद्य द्वारा बताई गई विधि के अनुसार दवाई खाता रहा। ठीक होना तो दूर उल्टा वह दवाई से रिएक्शन से बुखार से तप गया। हालांकि मामले की राजस्व पुलिस में प्राथमिकी दर्ज नहीं है।
हवालबाग विकासखंड के ग्राम पंचायत कनेली गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद (35) पुत्र दौलतराम दोनों पैरों से विकलांग है, वह बचपन से ही चल फिर नहीं सकता है। गत दिवस उसके घर पर एक व्यक्ति वैद्य बनकर पहुंचा और उसने राजेंद्र प्रसाद से कहा कि यदि उसके द्वारा दी गई दवा का सेवन करेगा तो वह अपने पैरों पर चलने लगेगा।
इस कथित वैद्य ने राजेंद्र को एक छोटे से डिब्बे में कथित केसर दिया और उसमें कोई तेल मिलाया। उसने राजेंद्र से केसर को आटे में मिलाकर रोटी बनाकर खाने को कहा। जब शाम को परिजनों ने कथित वैद्य द्वारा बताई गई विधि से दवा आटे में डालकर रोटी बनाकर खाई तो वह बुखार से तप गया। परिजनों ने उसे बुखार की गोली खिलाई इसके बाद उसके स्वास्थ्य में सुधार हुआ। हालांकि इस मामले की राजस्व पुलिस में प्राथमिकी दर्ज नहीं है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन और राजस्व पुलिस से ग्रामीण क्षेत्रों में फेरी लगाकर भोले-भाले ग्रामीणों को ठगने वाले लोगों पर अंकुश लगाने की मांग की है।