अल्मोड़ा। विशेष सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने धारा 6 पोक्सो एक्ट में नाबालिग पुत्री से बलात्कार करने के आरोपी पिता को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। न्यायालय ने पोक्सो एक्ट में एक माह के भीतर पीड़िता को एक लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश राज्य सरकार को दिए हैं। 16 वर्षीय पीड़िता ने 20 सितंबर 2015 को अल्मोड़ा स्थित महिला थाने में पिता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
आरोपी पिता अपनी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री से पांच साल पूर्व से शारीरिक, यौन शोषण और बलात्कार कर रहा था। महिला थानाध्यक्ष बसंती आर्या ने मामले की विवेचना करने के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा के न्यायालय में हुआ। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह न्यायालय में पेश किए गए। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा ने मामले की पैरवी की और न्यायालय में दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए।
न्यायाधीश ने पत्रावली में मौजूद मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को धारा छह पोक्सो एक्ट को दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा और 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। साथ ही न्यायालय ने पीड़िता को पोक्सो एक्ट में एक माह के भीतर एक लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश राज्य सरकार को दिए हैं।