जिला सत्र न्यायाधीश रवींद्र मैठाणी ने अपने एक फैसले में दहेज उत्पीड़न के मामले में एक महिला के पति समेत परिवार के चार लोगों को पूर्व में सीजेएम की अदालत द्वारा तीन साल के कारावास के निर्णय को खारिज करते हुए आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
जानकारी के मुताबिक गौरा कोहली का विवाह 10 दिसंबर 2008 को ओमप्रकाश पुत्र सुरेंद्र पाल के साथ हुआ। गौरा कोहली ने इस मामले में पति ओम प्रकाश के अलावा ससुर सुरेंद्र पाल, सास चंद्रा कोहली और पंकज कोहली के खिलाफ दहेज के लिए परेशान करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।
सीजेएम की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 21 मार्च 2015 को अपने फैसले में सभी आरोपियों को तीन साल के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया। आरोपियों ने इस निर्णय के खिलाफ जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपील दायर की। जिला सत्र न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।