मौलेखाल (अल्मोड़ा)। कुमाऊं और गढ़वाल की सीमा से सटे भौनडांडा गांव में घूम रहे दो संदिग्धों को ग्रामीणों ने दबोच लिया। ग्रामीणों ने एक संदिग्ध की पिटाई कर उससे पूछताछ की। इस बीच मौका पाकर दूसरा संदिग्ध वहां से रफूचक्कर हो गया लेकिन ग्रामीणों ने देर शाम उसे भी पकड़ लिया। ग्रामीणों ने दोनों संदिग्धों को पुलिस के हवाले कर दिया। दोनों से पूछताछ चल रही है।
जानकारी के मुताबिक शनिवार को भौनडांडा गांव में दो संदिग्ध घूम रहे थे। ग्रामीणों को शक होने पर उन्होंने दोनों संदिग्धों को दबोच लिया और एक की पिटाई शुरू कर दी। इस बीच मौका पाकर उसका साथी वहां से फरार हो गया। ग्रामीणों ने पकड़े गए संदिग्ध से पूछताछ की तो उसने अपना नाम भूपेंद्र सिंह निवासी जसपुर बताया। भूपेंद्र ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर 19 जुलाई की रात को मरचूला में एक दुकान तथा ढो ढाबों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। 20 जुलाई को पौड़ी गढ़वाल के सल्ट महादेव बाजार में अनिल जरनल स्टोर से 60 हजार रुपये की नकदी चुराई और जूनियर हाईस्कूल बडासी में रात काटी। इसके बाद 21 जुलाई की सुबह भौनडांडा गांव पहुंचे। भूपेंद्र के पास तीन हजार रुपये की नकदी तथा सिक्कों से भरी थैली, चोरी किए हुए पांच एटीएम कार्ड तथा पैन कार्ड थे। भूपेंद्र ने बताया कि मौके से फरार हुआ उसका साथी संजय कुमार भी चोरी की वारदात में उसके साथ शामिल था।
भैरंगखाल के सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र रावत ने बताया कि क्षेत्र में पिछले साल चोरी की कई घटनाएं हुई थी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पुलिस गश्त नहीं होती है। इस कारण चोर आसानी से चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। इधर देर शाम ग्रामीणों ने मौके से भागे दूसरे संदिग्ध व्यक्ति को भ्याड़ी के पास पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया है।