मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दयाराम की अदालत ने सुनाया फैसला
अल्मोड़ा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दयाराम की अदालत ने प्रशांत भैसोड़ा को धारा-186, 341, 504 और 506 में दोषमुक्त कर दिया है। छह फरवरी 2023 को एएसआई मनोज कुमार वर्मा ने प्रशांत भैसोड़ा के खिलाफ तहरीर दी थी कि उनकी ड्यूटी सात पुलिस कर्मियों के साथ मुल्जिम ड्यूटी में लगी हुई थी। वह प्रीतम सिंह, विशाल सिंह, दिनेश सिंह, प्रकाश सिंह सामंत को अल्मोड़ा से चंपावत न्यायालय पेशी के लिए ले गए थे। लौटते समय वाहन संख्या यूके04एए 2310 से अज्ञात व्यक्ति ने उनकी गाड़ी का पीछा किया और कांडानौला से करीब एक किलोमीटर पनार की ओर उनकी गाड़ी को रोक दिया। कारण पूछने पर उसने अपना नाम प्रशांत भैसोड़ा निवासी अल्मोड़ा बताया और खुद को एक राजनीतिक पार्टी का पदाधिकारी बताया। उसने ड्यूटी में तैनात सभी पुलिस कर्मियों को जान से मारने की धमकी दी। कहने लगा तुम पुलिस वाले निर्दयी हो और निर्दोष लोगों को अपराधियों की तरह ले जा रहे हो। और उनको छोड़ने की मांग करने लगा। जिसके बाद दन्यां पुलिस ने प्रशांत भैसोड़ा के खिलाफ धारा-186, 341, 504 और 506 में मुकदमा दर्ज किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने प्रशांत भैसोड़ा को सभी धाराओं से दोषमुक्त कर दिया है।