जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से द्वाराहाट के धमोली में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में ग्रामीणों को बाल श्रम, पोक्सो, वन संरक्षण, बाल विवाह आदि अधिनियमों की जानकारी दी गई। अध्यक्षता करते हुए प्राधिकरण के सचिव डा. शेष चंद्र ने वनों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि वन राष्ट्रीय संपदा है। लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए साथ ही उन्होंने पहाड़ में नशे की बढ़ती प्रवृति पर भी चिंता जताई। इसके खिलाफ लोगों से आगे आने का आह्वान किया। एसडीएम फिंचा सिंह चौहान ने कहा कि बाल विवाह दंडनीय अपराध है। 18 वर्ष की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र में लड़के का विवाह करने पर माता-पिता सहित पंडित भी दंड के भागीदार होंगे। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी एनके भट्ट, न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वाराहाट) नदीम अहमद, तहसीलदार सतीश बर्थवाल, कानूनगो जोगा राम, केपीएस अधिकारी, थानाध्यक्ष दरबार सिंह आदि मौजूद थे।