अल्मोड़ा/भतरौंजखान। अल्मोड़ा में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली। शाम को हल्की बूंदाबांदी होने से तापमान में गिरावट आने से हल्की ठंड बढ़ गई है। इधर भतरौंजखान में बारिश के साथ ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। ओले गिरने से आम का बौर भी काफी झड़ गया।
मंगलवार को दोपहर के समय हल्के बादल छाए थे लेकिन शाम को अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया और बादल घिर आए। शाम ढलते-ढलते हल्की बारिश शुरू हो गई। तापमान में गिरावट से हल्की ठंड बढ़ गई है। लोगों ने अपने गर्म कपड़े फिर से निकाल लिए हैं। शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए।
इधर भतरौंजखान क्षेत्र में शाम करीब 5:30 बजे झमाझम बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे क्षेत्र में ठंड काफी बढ़ गई है। ओले गिरने से आम के पेड़ों में आए बौर को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही मिर्च, गेहूं आदि फसलों को भी क्षति पहुंची है।
अल्मोड़ा में एक सप्ताह का तापमान
दिनांक अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
09 मार्च 21 05
10 मार्च 22 07
11 मार्च 22 07
12 मार्च 23 06
13 मार्च 23 06
14 मार्च 23 08
बारिश से मौसम हुआ सुहावना, जंगल की आग बुझी
रानीखेत (अल्मोड़ा)। मंगलवार की शाम को मौसम ने करवट बदली और कुछ देर बूंदाबांदी के बाद देर शाम को रिमझिम बारिश शुरू हो गई। लंबे समय बाद हुई बारिश की फुहारों ने जहां जंगलों की आग बुझ गई। वहीं तापमान गिरने से एक बार फिर से ठंड लौट आई है। बारिश होने से काश्तकारों के चेहरे भी खिल उठे हैं। यह बारिश फसलों और सब्जियों के लिए अच्छी मानी जा रही है। मकड़ाऊं के काश्तकार राजेंद्र बिष्ट ने बताया कि यदि रातभर अच्छी बारिश होती है तो पेयजल संकट के अलावा सब्जी और अन्य फसलों को काफी फायदा मिलेगा। संवाद
कौसानी, बैजनाथ और गरुड़ में बारिश से ठंड फिर बढ़ी
गरुड़ (बागेश्वर)। बारिश से कौसानी, गरुड़, ग्वालदम, बैजनाथ, देवनाई, लाहुर और गोमती घाटी में मौसम सुहावना होने के साथ ही ठंड भी बढ़ गई है। सुबह के समय आसमान में हल्के बादल छाए हुए थे लेकिन बारिश के आसार नहीं लग रहे थे। दोपहर बाद आसमान में अचानक घने बादल छा गए बारिश शुरू हो गई। ठंड बढ़ने से लोग फिर गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हो गए। किसानों ने इस बारिश को फसलों के लिए लाभकारी बताया है। संवाद