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धरमगांव में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ पिंजड़े में हुआ कैद

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द्वाराहाट में पिंजड़े में कैद तेंदुआ। संवाद - फोटो : RANIKHET
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धरमगांव में तेंदुआ पिंजड़े में हुआ कैद
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रानीखेत के कारचूली में तेंदुआ दिनदहाड़े मवेशियों को बना रहा निवाला
ग्रामीण बोले इन हालातों में कैसे दोगुनी होगी पशुपालकों की आय
संवाद न्यूज एजेंसी
रानीखेत/द्वाराहाट। क्षेत्र में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। धरमगांव में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ बृहस्पतिवार की देर रात पिंजड़े में कैद हो गया जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। इधर ताड़ीखेत विकासखंड के सुदूरवर्ती गांवों में अब तक कई मवेशियों को तेंदुआ निवाला बना चुका है। कारचूली गांव में दिनदहाड़े तेंदुए ने कई बकरियों को मार डाला। ग्रामीण पशुपालन कर किसी तरह से गुजर बसर कर रहे थे। तेंदुआ उनकी उम्मीदों पर पानी फेर रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल वहां पिंजड़ा लगा तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।
द्वाराहाट विकासखंड के धरमगांव में लंबे समय से आतंक का पर्याय बना तेंदुआ अब पिंजड़े में कैद हो गया है। इस कारण ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। धरमगांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए ने कई मवेशियों को निवाला बना लिया था। प्रधान कमल किशोर आर्या के पोल्ट्री फार्म से कई मुर्गियों को निवाला बना लिया था। प्रधान कमल ने सामाजिक कार्यकर्ता नारायण सिंह रावत की मदद से वन विभाग पर दबाव बनाया। बृहस्पतिवार की दोपहर में पिंजड़ा लगाया गया और रात में तेंदुआ उसमें कैद हो गया। सामाजिक कार्यकर्ता नारायण रावत ने बताया कि तेंदुए का क्षेत्र में गहरा आतंक था। वह कॉलोनियों में घुस रहा था। लोग डरे हुए थे। अब जाकर आतंक से फिलहाल निजात मिली है। अभी क्षेत्र में कई तेंदुए सक्रिय हैं जिनसे कभी भी जनहानि हो सकती है। वन विभाग को पिंजड़ा लगाना चाहिए।
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ताड़ीखेत ब्लॉक के सिमोली, पथुली, ताड़ीखेत, चिलियानौला, सौखोला, रिखोली, खनियां सहित तमाम स्थानों पर इन दिनों तेंदुए ने खासा आतंक मचाया हुआ है। खनिया में वन विभाग ने पिंजड़ा तक लगाया लेकिन तेंदुआ कैद नहीं हो पाया है। वहां भी दिन दहाड़े तेंदुआ दिख रहा है जिस कारण महिलाओं का अकेले खेतों में जाना दूभर हो चला है। कारचूली गांव में तेंदुए ने सुबह सुबह नीमा बिष्ट, कुबेर बिष्ट सहित कई ग्रामीणों की आधा दर्जन से अधिक बकरियों को निवाला बना लिया। ग्रामीणों का कहना है कि बकरी और गाय का दूध बेचकर वह लोग गुजर चलाते हैं। ऐसे में तेंदुआ उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दे रहा है। उन्होंने कहा कि तत्काल पिंजड़ा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की जरूरत है।
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-तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ है, बृहस्पतिवार की रात वह पिंजड़े में कैद हो गया है। अब उसे रामनगर कार्बेट क्षेत्र में छोड़ने की योजना है, उसकी उम्र भी लगभग आठ-नौ साल की है। नाखून और सभी अंग सुरक्षित हैं।-मदन लाल, रेंजर, द्वाराहाट
फोटो:22 आरकेटी01पी:
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