द्वाराहाट में राज्य आंदोलनकारियों की रथ यात्रा का स्वागत करते आंदोलनकारी। संवाद
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। सरकार की उपेक्षा से आहत राज्य आंदोलनकारी अपनी समस्याओं और जन मुद्दों को लेकर सड़कों पर हैं। राज्य आंदोलनकारी तीन दिनी रथ यात्रा के तहत देर शाम अल्मोड़ा से बग्वालीपोखर पहुंचे। इसके बाद द्वाराहाट पहुंचने पर राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार पर आंदोलनकारियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि देहरादून, गैरसेंण और रायपुर तीन-तीन स्थानों पर राज्य की राजधानी की घोषणा कर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
अल्मोड़ा से राज्य आंदोलनकारी ब्रह्मानंद डालाकोटी और शिवराज बनौला के नेतृत्व में द्वाराहाट पहुंची रथ यात्रा में दौलत सिंह बगडवाल, गोपाल सिंह बनौला, दिनेश शर्मा, बहादुर राम, नंदन सिंह बनौला, गोपाल गैड़ा, तारा राम, सुंदर राम, कैलाश राम, विशंबर पेटशाली, लछम सिंह बनौला, सुंदर सिंह बनौला, पूरन सिंह बनौला आदि थे। त्रिमूर्ति चौराहे पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संगठन के अध्यक्ष मनोज अधिकारी, बिपिन पंत, वीरेंद्र बजेठा, भुवन चौधरी, नीरु आर्या आदि ने रथयात्रा में पहुंचे राज्य आंदोलनकारियों का स्वागत किया। आम सभा में ब्रह्मानंद डालाकोटी और शिवराज बनौला आदि वक्ताओं ने कांग्रेस और भाजपा सरकारों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि कई राज्य आंदोलनकारियों को आंदोलनकारी का दर्जा अभी तक नहीं दिया गया है। कहा कि सरकार पहाड़ को अभी तक बंदर, सूअरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस नीति नहीं बना सकी है। राज्य आंदोलन की तर्ज पर एकजुट पर सहमति बनी। पत्रक बांटकर आम जन तक का समस्याओं को पहुंचाया गया। संवाद