अल्मोड़ा। सम्मानजनक मानदेय देेने समेत लंबित आठ सूत्री मांगों के लिए पर्वतीय सस्ता गल्ला विक्रेता संघ ने मंगलवार को नंदादेवी मंदिर प्रांगण से धारानौला जिला पंचायत परिसर स्थित जिला पूर्ति कार्यालय तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। मांग पूरी नहीं होने से नाराज 32 गल्ला विक्रेताओं ने सामूहिक इस्तीफा खाद्य सचिव को भेज दिया है। इस संबंध में खाद्य निरीक्षक को संबोधित पत्र क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक को सौंपा। उन्होंने मंगलवार से खाद्यान्न वितरण भी ठप कर दिया है।
गल्ला विक्रेता नंदादेवी मंदिर प्रांगण में एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए मुख्य बाजार होते हुए धारानौला जिला पंचायत परिसर में स्थित पूर्ति विभाग कार्यालय तक जुलूस निकाला। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि गल्ला विक्रेता पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं लेकिन सरकार गल्ला विक्रेताओं की मांगों की लगातार उपेक्षा कर रही है। नए नियम लागू कर गल्ला विक्रेताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्र के प्रत्येक विक्रेता को उचित और सम्मानजनक मानदेय स्वीकृत देने, नेट कनेक्टीविटी की पूरी व्यवस्था होने और नेट खर्च स्वीकृत होने तक संपूर्ण पर्वतीय क्षेत्र को बायोमेट्रिक कार्य से मुक्त रखने की मांग की।
विक्रेताओं ने खाद्यान्न का लाभांश बढ़ाने, राज्य खाद्य योजना में भी केंद्रीय खाद्य योजना के बराबर लाभांश देने, प्रत्येक राजकीय खाद्यान्न भंडार में धर्मकांटा स्थापित करने, खाद्यान्न तोलकर देने की मांग की। उन्होंने प्रत्येक विक्रेता का सामूहिक बीमा करवाने, शासनादेश के अनुसार राजकीय खाद्यान्न भंडार से दुकान तक संशोधित भाड़ा देने, विक्रेता की मृत्यु होने पर परिजन द्वारा प्रार्थनापत्र देने पर दुकान का लाइसेंस उसे देने की मांग की है। बाद में मांगों लेकर और 32 गल्ला विक्रेताओं का सामूहिक त्यागपत्र क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक के माध्यम से खाद्य सचिव को भेजा। प्रदर्शन और त्यागपत्र देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष मनोज वर्मा, जिलाध्यक्ष संजय साह रिक्खू, प्रदेश सलाहकार दिनेश गोयल, अभय साह, जिला महामंत्री केशर सिंह, दीपक साह, नारायण सिंह, महेंद्र रावत, खष्टी पंत, हेमा पांडे, विपिन तिवारी, जगत सिंह, महेंद्र रावत, पान सिंह सांगा, मोहन जोशी, उमेश बिष्ट आदि ने भाग किया।