चौखुटिया (अल्मोड़ा)। परथोला के लिए स्वीकृत छह किलोमीटर प्रधानमंत्री सड़क निर्माण की धीमी गति के लिए ग्रामीणों का मासी भूमिया मंदिर तिराहे पर प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को परथोला, गोगता गांव की महिलाओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर नारेबाजी की और मासी मुख्य बाजार में जुलूस निकाला।
धरना- प्रदर्शन के दूसरे दिन परथोला, गोगता से पहुंचीं महिलाएं धरने पर बैठीं। धरना स्थल पर प्रदर्शन के साथ मासी मुख्य बाजार में जुलूस निकालकर जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। शासन- प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से सवा किलोमीटर सड़क का कटान हो पाया है। परथोला तक स्वीकृत छह किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन करना पड़ेगा। इस दौरान आंदोलन संयोजक सीताराम जुयाल, बसंती देवी, हीरा देवी, पार्वती देवी, मालती ,राधिका, भगवती राणा, पुष्पा मेहता, खुशी देवी, आनंदी बंगारी, विमला, हीरा देवी, राधिका ,नंदी देवी, दयासागर देवतल्ला, भगवत सिंह रावत, शिवदत्त जुयाल, गोपाल दत्त, भावना जुयाल मौजूद थे।
दोनों पक्षों के मध्य बातचीत में नही बन पाई सहमति
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। परथोला सड़क निर्माण के लिए संघर्षरत ग्रामीणों व सड़क निर्माण से जमीन कटने के बावजूद गांव को फायदा नहीं मिलने से सर्वे का विरोध जता रहे कनौणी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों के साथ एसडीएम की वार्ता के बाद फिलहाल सहमति नहीं बन पाई है।
एसडीएम जयवर्धन शर्मा ने परथोला सड़क के आपसी विवाद को सुलझाने के लिए लोक निर्माण विश्राम गृह में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया था जो बेनतीजा निकली। कनौणी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों का कहना था कि गलत सर्वे के चलते उनकी भूमि कटने के बावजूद निर्माणाधीन सड़क से उनके गांव को कोई लाभ नहीं हो रहा है। एक बैंड देकर गांव के मध्य से सड़क निकाली जाए। उनका कहना था कि पूर्व में की गई सर्वे सही थी जिसे बाद में बदल दिया गया। वे सड़क का नहीं बल्कि गलत सर्वे का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने अनापत्ति न लिए जाने की बात भी कही। इसी गांव के कुछ लोगों का कहना था कि वर्तमान में बन रही सड़क की सर्वे सही है। सड़क इसी आधार पर बने। परथोला, गोगता के आंदोलनकारी सड़क निर्माण नए सर्वे के अनुसार जल्द करने की मांग कर रहे।
एसडीएम ने सभी की बात सुनी व बाद में स्थलीय निरीक्षण करने के साथ सड़क निर्माण के लिए दोनों पक्षों से सहमति के हस्ताक्षरयुक्त पत्र देने के लिए कहा। वहां पीएमजीएसवाई के एई आशीष, गजेंद्र सिंह बिष्ट, उमेश रावत, हरीराम, पूरन सिंह ,राम सिंह बंगारी, आनंदी बंगारी, मंजू वर्मा , पूरन सिंह, लक्ष्मण सिंह रहे। दूसरे पक्ष की ओर से आंदोलनकारी मौजूद थे।