चौखुटिया (अल्मोड़ा)। धीरे-धीरे ही सही मगर ये पैगाम आ रहे हैं, अपने भक्तों से मिलने राधा, श्याम आ रहे हैं। कुछ इसी अंदाज में हर गली, मोहल्ले के रास्तों और सड़कों पर राधा-कृष्ण की टोलियां नजर आईं। कहीं मम्मी की गोद में तो कहीं पैदल ही अकेले चलते बांसुरी लिए कान्हा गुजरने वाले हर व्यक्ति के आकर्षण का केंद्र रहे। कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम में भाग लेने को लेकर बच्चों का उत्साह और आतुरता आनंदित कर देने वाली थी। अपने लाड़ले को कृष्ण और राधा के भेष में देखकर उनकी माताएं भी काफी प्रफुल्लित दिखीं। घरों में सुबह से ही कान्हा और राधिका को सजाने, संवारने में माताएं जुटी रहीं।