खासयोल को कैंट से आजादी मिलने की खुशी में रानीखेत में मिठाई बांटते आंदोलनकारी। संवाद
रानीखेत (अल्मोड़ा)। हिमाचल की खासयोल कैंट से मुक्त हो गया है। रानीखेत को अभी तक छावनी से मुक्ति नहीं मिल पाई है। जटिल कानून से आजिज स्थानीय नागरिक लंबे समय से कैंट को चिलियानौला नगर पालिका में शामिल करने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। इधर, जैसे ही खासयोल को छावनी के नियमों से आजादी मिलने की सूचना मिली तो आंदोलनकारियों ने रानीखेत गांधी पार्क पर मिष्ठान वितरित किया और आशा जताई कि केंद्र सरकार शीघ्र रानीखेत को भी छावनी से आजादी दिलाएगी।
बता दें कि अंग्रेजों ने 1869 में रानीखेत में छावनी बनाई। इसके बाद से रानीखेत छावनी में बसासत बढ़ती गई। छावनी परिषद में कैंट एक्ट 1924 लागू होता था। 2006 में इसमें संशोधन हुआ लेकिन नागरिकों को अधिकार कम ही मिले। आजादी के बाद से ही लोग कैंट नियमों से परेशान रहे। जिस कारण 1960 से ही नगर पालिका की मांग उठती रही। कई बार आंदोलन हुए, लेकिन कोई सार्थक पहल नहीं हुई। इधर पिछले 44 दिनों से लोग धरने पर बैठे हैं। कार्यक्रम में वृद्धजन कल्याण समिति के सदस्य, वरिष्ठ नागरिक, व्यापारी, होटल एसोसिएशन सदस्यों सहित तमाम संगठनों के लोग मौजूद रहे।