अल्मोड़ा। बर्बादी के कगार पर पहुंच चुकी 60 हजार पुस्तकें के जिला पुस्तकालय पहुंचने की उम्मीद जगी है। जीर्णोद्धार के दौरान जीआईसी अल्मोड़ा और स्काउट कार्यालय में रखी पुस्तकों को फिर से पुस्तकालय में संजो कर रख जाएगा। पुस्तकों के सुरक्षित रहने से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं को लाभ मिलेगा।
जिला पुस्तकालय भवन के जीर्णशीर्ण होने पर एक करोड़ से वर्ष 2021 में इसका पुनर्निर्माण किया गया। इस कारण वहां उपलब्ध दर्शनशास्त्र, तर्कशास्त्र, प्राचीन इतिहास, सामाजिक विज्ञान, साहित्य, अध्यात्म, राजनीतिशास्त्र समेत कई विषयों की 60,000 से अधिक पुस्तकें जीआईसी परिसर और स्काउट-गाइड कार्यालय में रखी गईं थीं। दो साल से वहां उचित रखरखाव नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में किताबों को दीमक लग रही है।
संवाद न्यूज एजेंसी ने 26 अगस्त के अंक में एक करोड़ से बना पुस्तकालय नहीं संजो सका सैकड़ों किताबों की जिंदगी शीर्षक के साथ प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। इसके बाद हरकत में आए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पुस्तकों को वापस पुस्तकालय लाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए पुस्तकालय में पुस्तकों को रखने की व्यवस्था की जा रही हैं। उम्मीद है कि जल्द इन पुस्तकों का लाभ पाठकों को मिल सकेगा। संवाद
पुस्तकालय में पर्याप्त स्थान नहीं होने से बढ़ी समस्या
अल्मोड़ा। जिला पुस्तकालय में पुस्तकें रखने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं होने से पुस्तकालय प्रबंधन के लिए पुस्तकों को वापस पुस्तकालय में रखना चुनौती बना हुआ है। शिक्षा विभाग के निर्देश पर पुस्तकालय में इन 60 हजार किताबों के आने और पर्याप्त किताबें मिलने से पाठकों को राहत मिलने की उम्मीद है। संवाद
- किताबों की संख्या अधिक है जबकि उन्हें रखने के लिए पुस्तकालय में जगह की कमी है। इसके लिए पुस्तकालय प्रबंधन को योजना बना कर पुस्तकों को पुस्तकालय रखने के लिए कहा गया है। जल्द इन पुस्तकों का लाभ सभी पाठकों को मिल सकेगा।
- अंबा दत्त बलोदी, सीईओ, अल्मोड़ा।