अल्मोड़ा। आज से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। अब तक जिले में मुफ्त किताबें नहीं पहुंची हैं। जिले के 1,545 शासकीय और अशासकीय स्कूलों के 69,542 विद्यार्थियों को नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बावजूद पाठ्य पुस्तकें नहीं मिली हैं। किताबें कब तक मिलेंगी यह भी अभी स्पष्ट नहीं है।
जिले में 166 राजकीय इंटर काॅलेज, 97 हाईस्कूल, 28 अशासकीय इंटर काॅलेज, पांच हाईस्कूल, 1,249 प्राथमिक स्कूल हैं। इन स्कूलों में कुल 69,542 विद्यार्थी पढ़ते हैं। समग्र शिक्षा के तहत कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें दी जाती हैं। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के लिए पांच लाख बयालीस हजार किताबों की मांग भेजी है। इनमें प्राथमिक वर्ग की दो लाख साठ हजार और कक्षा नौ से 12 तक की दो लाख बयासी हजार किताबें चाहिए। मांग के सापेक्ष जिला मुख्यालय में एक भी किताब नहीं पहुंची है। ऐसे में शासकीय और अशासकीय स्कूलों के 69,542 विद्यार्थियों को नए शिक्षा सत्र में बगैर किताबों के स्कूल जाना पड़ेगा।
मुफ्त किताबों के नाम पर इस बार भी बच्चों के साथ खिलवाड़
अल्मोड़ा। नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पूर्व ही जिला मुख्यालय और विकासखंड में मुफ्त किताबें पहुंच जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। बीते शिक्षा सत्र में भी तीन माह बाद विद्यार्थियों को किताब उपलब्ध हो सकीं थीं। कब किताब जिला मुख्यालय पहुंचेंगी और उन्हें कब तक विकासखंडों के स्कूलों तक पहुंचाया जा सकेगा, शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी यह भी बताने में सक्षम नहीं है।
पुरानी किताबें बन सकती हैं सहारा
अल्मोड़ा। दोस्तों की पुरानी किताबें बच्चों का सहारा बन सकती हैं। किताबें न आने पर बच्चे अपने दोस्तों से पुरानी किताबें मांगेंगे या अपने भाई, बहनों की पुरानी किताबों से काम चलाएंगे। ऐसे में पुरानी किताबें कुछ हद तक बच्चों को राहत दे सकती हैं।
नए शिक्षा सत्र के लिए पांच लाख बयालीस हजार पाठ्य पुस्तकों की डिमांड भेजी गई है। मांग के सापेक्ष अभी जिले को नई किताबें नहीं मिली हैं। जैसे ही पुस्तकें मिलेगी बच्चों तक पहुंचा दी जाएंगी। - हेमलता भट्ट, मुख्य शिक्षाधिकारी, अल्मोड़ा।