अल्मोड़ा। नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में साहित्यकार डॉ. दलीप सिंह बोरा की दो कुमाऊंनी पुस्तक कहानी संग्रह ‘मेरी थात’ व कविता संग्रह ‘कणक’ का लोकार्पण किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. देव सिंह पोखरिया ने कहा कि कुमाऊंनी हिंदी की उप बोली नहीं उसकी सहचर है। कुमाऊंनी और गढ़वाली भाषा आठवीं अनुसूची में शामिल होने की प्रतीक्षा में है। यह अपने आप में कई गंभीर सवाल पैदा करता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार नवीन बिष्ट ने की। संचालन नीरज पंत ने किया। वहां पर साहित्यकार त्रिभुवन गिरी महाराज, लोक गायक दीवान कनवाल, साहित्यकार डॉ. महेंद्र महरा ‘मधु’, गणेश दत्त भट्ट, नारायण थापा आदि मौजूद रहे।