अल्मोड़ा। सिमतोला ईको पार्क का सौंदर्यीकरण कर पर्यटकों को लुभाने की योजना परवान नहीं चढ़ सकी है और यह सिर्फ घोषणा तक ही सिमटकर रह गई है। पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए भेजा गया 62 लाख रुपये का प्रस्ताव छह माह से शासन में धूल फांक रहा है।
नगर से करीब 12 किमी दूर पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण सिमतोला ईको पार्क 2010 में अस्तित्व में आया। 64 एकड़ आरक्षित वन भूमि में फैले देवदार, बबूल, चीड़ के पेड़ों से घिरे इस पार्क में सुविधाओं का विस्तार कर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वन विभाग ने इसके सौंदर्यीकरण की योजना तैयार की। बकायदा यह योजना सीएम घोषणा में शामिल है और बीते वर्ष अक्तूबर माह में 62.42 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। छह महीने बाद भी प्रस्ताव फाइलों में ही सिमटकर रह गया है। सुविधाओं के अभाव में गिने चुने पर्यटक ही पार्क का रुख करते हैं। ऐसे में वन विभाग की पर्यटन कारोबार को गति देने की योजना धरी रह गई है।
पर्यटकों की घटती संख्या से चिंता
अल्मोड़ा। सिमतोला पार्क में दो दशक पूर्व हर रोज दो हजार से अधिक पर्यटक पहुंचते थे। सुविधाओं का विस्तार न होने से पार्क पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या घटती चली गई। हालात यह हैं कि अब यहां पर्यटक कम ही नजर आ रहे हैं, इससे वन विभाग चिंतित है।
प्रभागीय वनाधिकारी, अल्मोड़ा, दीपक सिंह ने बराया कि सिमतोला ईको पार्क के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर पार्क में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।