एचआईवी और एड्स जागरुकता कार्यक्रम में मौजूद सिख रेजीमेंट के जवान।
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अल्मोड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने कैंट स्थित सेना कार्यालय में सिख रेजीमेंट के जवानों को एड्स के विषय में जानकारी दी।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश पुरोहित ने बताया कि एचआईवी वायरस व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को धीरे धीरे कमजोर कर देता है। इससे मानव शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता में कमी आ जाती है। एड्स एचआईवी संक्रमण का अंतिम चरण है। भारत सरकार ने 1987 में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की शुरुआत की थी। विश्व मेें 3.33 करोड़ लोग एचआईवी से पीड़ित हैं। भारत में इनकी संख्या करीब 21.17 लाख है। वरिष्ठ क्षय रोग अधिकारी डॉ. दीपांकर डेनियल ने बताया कि एचआईवी एड्स होने के मुख्य कारणों के बारे में बताया। इस अवसर पर सिख रेजीमेंट के जवानों, अधिकारियों के अलावा स्वास्थ्य विभाग के डा. ललित पांडे, सुंदर जीना आदि भी मौजूद थे। ब्यूरो