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सावधान: केमिकल रंगों से न खेले होली, आंख और त्वचा को पहुंचा सकते हैं नुकसान

Wed, 04 Mar 2026 10:23 AM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी

सार

होली पर केमिकल वाले रंगों से सावधान रहे। केमिकल रंग आंख और त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। खासकर ऑयल पेंट और केमिकल युक्त रंगों से दूरी बनाए रखे।
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- फोटो : FreePik
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विस्तार
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होली पर रंग खूब खेले पर केमिकल वाले रंगों से सावधान रहे। केमिकल रंग आंख और त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऑयल पेंट और केमिकल युक्त रंग से होली खेलने पर जहां त्वचा संबंधी कई रोग हो जाते हैं वहीं आंखों में रंग जाने से रोशनी तक चली जाती है। ऐसे में रंग में भंग पड़ सकता है।

रंगों का पर्व होली पर बच्चे से लेकर बूढ़े तक रंग से सराबोर हो जाते हैं। जरा सी चूक रंग में भंग कर सकती है। खासकर ऑयल पेंट और केमिकल युक्त रंगों से दूरी बनाए रखे। चिकित्सक के मुताबिक केमिकल वाले रंगों से आंखों में खुजली हो जाती है। इससे जहां तेज जलन होती है वहीं आंखें लाल हो जाती हैं। होली खेलते समय केमिकल युक्त रंगों से बचकर होली खेलें और हर्बल कलर का इस्तेमाल करें।

आंखों की सुरक्षा के लिए गॉगल्स पहन सकते हैं। केमिकल युक्त रंगों से बजाए हर्बल कलर से होली खेले। खासकर बच्चों को केमिकल युक्त रंग न दे। क्योंकि उनकी त्वचा कोमल होती है। इसलिए ये रंग उन्हें अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं।

त्वचा रोग से बचने के लिए ये उपाय करे-

-रंग खेलने से पहले शरीर पर मॉइश्चराइजर या सरसों के तेल की मालिश कर लें।

-चेहरे पर मॉइश्चराइजर या फेस क्रीम का उपयोग कर सकते हैं, रंग लगने पर हर्बल फेशवॉश लगा लें।

-एक ही दिन में रंग छुड़ाने के लिए किसी तरह के हार्ड सोप, डिटर्जेंट का प्रयोग न करें।

-बालों में भी हेयर ऑयल का उपयोग कर सकते हैं।

आंखों को बचाने के लिए ये सावधानी बरतें

-रंग खेलते समय आंखों को बचाने के लिए सनग्लास पहन सकते हैं।

-एंटी बायटिक आई ड्राप का उपयोग डॉक्टर्स के परामर्श से कर सकते हैं।

-किसी तरह का साबुन या अन्य रासायनिक पदार्थ उपयोग न करें।

-आंखों में रंग चले जाने पर फौरन ठंडे पानी के छीटों से आंखों को साफ कर लें।

होली खेलने घर से बाहर निकल रहे हैं तो चेहरे पर मॉइश्चराइजर या फेस क्रीम लगाकर जाएं। सिर पर तेल लगाएं। रंग को हल्के-हल्ले निकाले। जहां तक संभव हो हर्बल रंग का ही उपयोग करें। बच्चों पर नजर बनाए रखे। किसी तरह की दिक्कत होने पर नजदीकी अस्पताल में जाकर चिकित्सक से संपर्क करें।-डॉ. नमन लोहनी, चर्म रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल अल्मोड़ा।

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