मरचुला एसएच् पर गड्डों पर भरा पानी। संवाद
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। जिले को अन्य जनपदों से जोड़ने वाला प्रमुख मोहान-रामनगर एनएच गड्ढा मुक्त सड़कों के दावों को खोखला साबित करने के साथ ही सरकारी मशीनरी की लापरवाही को उजागर कर रहा है। इस एनएच पर महज दो महीने में ही करोड़ों की लागत से किया गया डामर उखड़ गया और सड़क तालाब में तब्दील हो गई है। लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में स्थानीय लोग गड्ढे भरकर सरकारी मशीनरी को आईना दिखाने का काम कर रहे हैं।
अल्मोड़ा को पौड़ी गढ़वाल समेत अन्य जिलों से जोड़ने वाले मोहान-मरचूला एनएच पर अगस्त में डामर किया गया था। लेकिन गुणवत्ता ठीक न होने से जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में बारिश का पानी भरने से सड़क तालाब में तब्दील हो गई है। हैरानी की बात ये है कि जिम्मेदार विभाग की नजर इन गड्ढों पर नहीं पड़ी है। स्थानीय युवाओं और लोग गड्ढे भरकर यात्रियों को राहत पहुंचाने में जुटे हैं।
भौनडांडा के बीडीसी सदस्य रोहित रावत के नेतृत्व में युवा अपने खर्च से गड्ढों को पत्थरों से पाटकर सरकारी मशीनरी को आईना दिखा रहे हैं।
एनएच के सहायक अभियंता कपिल कुमार का कहना है कि सहायक सड़क पर नाली निकास नहीं होने से जलभराव की समस्या पैदा हो रही है। सड़क पर डामरीकरण का कार्य पूरा नहीं हुआ है। बारिश के बाद नाली निकास कर गड्ढों को भरा जाएगा।
नाली निकास न होने से बढ़ी दिक्कत
मौलेखाल। मोहान-मरचूला सड़क पर आपदा काल शुरू होने के तीन महीने बाद भी नाली निकास की उचित व्यवस्था नहीं की गई, जिसकी मार यात्री सह रहे हैं। नाली निकास न होने से सड़क पर जलभराव हो रहा है। लेकिन अब तक व्यवस्था में सुधार के प्रयास नहीं हुए। मजबूरन स्थानीय युवाओं को इसके लिए आगे आना पड़ा है।