अल्मोड़ा। प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ पोषण देने के लिए संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है। जिले में 86 प्रतिशत केंद्रों को पंचायत घर और सामुदायिक भवनों में चलाना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि 46 प्रतिशत केंद्र किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई भवन जर्जर हैं। ऐसे में नौनिहालों को खतरे के बीच प्रारंभिक शिक्षा दी जा रही है।
जिले में 1860 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं जिनमें 11442 नौनिहाल पंजीकृत हैं। इन केंद्रों के संचालन के लिए हर साल बजट मिलता है लेकिन भारी-भरकम बजट खर्च करने के बावजूद अब तक अधिकतर केंद्रों को सरकार किराए के भवनों से मुक्ति नहीं दिला सकी है। आंकड़ों के अनुसार इनमें से 858 केंद्र प्राथमिक स्कूल, 285 केंद्र पंचायत घर और 467 केंद्र किराए और 13 केंद्र सामुदायिक भवन में संचालित हो रहे हैं। सिर्फ 237 केंद्रों के पास अपना भवन है। हैरानी की बात यह है कि किराए के अधिकतर भवन जर्जर हैं जिनमें नौनिहालों को बैठाना खतरे से खाली नहीं है। इसके बावजूद नौनिहालों के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने के दावे कर केंद्रों का संचालन हो रहा है।
200 भवनों का काम अधूरा
अल्मोड़ा। बाल विकास विभाग के मुताबिक जिले में 200 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है लेकिन यह भवन कब तक अस्तित्व में आएंगे। इसका अता-पता नहीं है। ऐसा इसलिए कि वर्ष 2019-20 से इनका निर्माण चल रहा है जो तीन साल बाद भी पूरा होने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में इनके जल्द संचालित होने की उम्मीद कम ही है।
330 नए भवनों का भेजा प्रस्ताव
अल्मोड़ा। बाल विकास विभाग के मुताबिक जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को किराए के भवनों से मुक्ति दिलाने के लिए 330 नए भवनों का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। इन्हें कब स्वीकृति मिलेगी और ये कब धरातल पर उतरेंगे, यह कोई नहीं जानता।
केंद्रों के पास भवन नहीं होने से होती है परेशानी
अल्मोड़ा। जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है। यहां की केंद्र संचालिका को किराए के या अन्य शासकीय भवन के एक-एक कमरों में केंद्र चलाने में काफी परेशानी होती है। नाम न बताने की शर्त पर कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक ही कमरे में नौनिहालों को बैठाना पड़ रहा है और वहीं पोषाहार रख रही हैं। किराए के भवन में शौचालय, पानी आदि की उचित व्यवस्था नहीं होने से परेशानी और बढ़ जाती है।
कोट
जिले में नए आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। 330 नए केंद्रों के निर्माण के लिए भी प्रस्ताव मांगा गया है। जिन केंद्रों के पास भवन नहीं हैं उन्हें प्राथमिक स्कूल, पंचायत घर सहित अन्य शासकीय भवनों में संचालित किया जा रहा है।
-पीतांबर प्रसाद, जिला परियोजना अधिकारी, बाल विकास विभाग, अल्मोड़ा।