अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जिला अस्पताल में तीन डॉक्टर तैनाती लेने के बाद से लापता हैं। उनकी तैनाती दर्ज होने से ये पद कागजों में संचालित हो रहे हैं जिस कारण नई नियुक्ति नहीं हो पा रही है जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में दिसंबर 2020 में सर्जन डॉ. बृजमोहन जोशी, अगस्त 2020 में एनेस्थेटिक डॉ. चारुल जगपाल और मई 2021 में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित कुमार वैश्य की तैनाती हुई। तैनाती लेने के तुरंत बाद तीनों डॉक्टर अस्पताल से लापता हो गए। तीनों कहां हैं न तो अस्पताल प्रबंधन जानता है और न शासन। इनकी तैनाती कागजों में तो दर्ज है लेकिन यह सेवा कहां दे रहे हैं इसका अता-पता नहीं है।
तीनों की सेवाएं समाप्त करने की कवायद सरकारी फाइलों में सिमटकर रह गई है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक इन तीन सालों में लापता चिकित्सकों की सेवाएं समाप्त करने के लिए 18 से अधिक बार शासन में पत्र भेजे गए हैं जो फाइलों में दम तोड़ रहे हैं। संवाद
पद रिक्त न होने से नए डॉक्टर की तैनाती मुश्किल
अल्मोड़ा। सरकारी कागजों में तीनों चिकित्सक जिला अस्पताल में तैनात हैं। ऐसे में ये पद रिक्त नहीं माने जा सकते और इनके सापेक्ष नए डॉक्टर की तैनाती करना असंभव है। इन हालातों में अस्पताल प्रबंधन बेस अस्पताल से हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती कर मरीजों को राहत पहुंचाने में जुटा है। हालांकि एक एनेस्थेटिक एवं सर्जन होने से प्रबंधन और मरीजों को कुछ राहत है। संवाद
तीन डॉक्टर तैनाती लेने के बाद से लापता हैं। इन तीन सालों में उनकी सेवाएं समाप्त करने के लिए कई बार पत्राचार किया गया है। उनकी सेवा समाप्ति के बगैर नई नियुक्ति नहीं हो सकती है। -डॉ. पीके सिन्हा, पीएमएस, जिला अस्पताल, अल्मोड़ा।