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Almora: लंपी वायरस की चपेट में कई इलाके, बढ़ते प्रकोप की रोकथाम के लिए 1.35 लाख जानवरों को लगेगी वैक्सीन

Wed, 17 May 2023 05:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा/बागेश्वर।

सार

अब तक 466 जानवर लंपी वायरस से ग्रसित मिले हैं जिनमें 12 की मौत हो चुकी है। ऐसे में पशुपालकों को खासा नुकसान झेलना पड़ा है। हालांकि इलाज के बाद 336 जानवर इस बीमारी से उबरे भी हैं।
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सोमेश्वर में जानवरों का टीकाकरण करते पशु पालन विभाग के कर्मी। संवाद
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विस्तार
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दोनों पहाड़ी जिलों में लंपी वायरस कहर बरपा रहा है। अब तक इस वायरस की चपेट में आने से अल्मोड़ा जिले में 12 और बागेश्वर में 14 जानवरों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा अल्मोड़ा में अभी भी 130 जानवर वायरस की चपेट में हैं। इससे निपटने के लिए पशुपालन विभाग दोनों जिलों में सभी जानवरों का टीकाकरण कर रहा है।

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अल्मोड़ा जिले के सभी इलाकों में जानवर लंपी वायरस की चपेट में हैं। अब तक 466 जानवर लंपी वायरस से ग्रसित मिले हैं जिनमें 12 की मौत हो चुकी है। ऐसे में पशुपालकों को खासा नुकसान झेलना पड़ा है। हालांकि इलाज के बाद 336 जानवर इस बीमारी से उबरे भी हैं।

पशुपालन विभाग के मुताबिक अल्मोड़ा जिले में लंपी वायरस के 130 एक्टिव केस हैं जिनकी पशुपालन विभाग कड़ी निगरानी कर रहा है। लंपी वायरस की भयावहता को देखते हुए विभाग ने सभी जानवरों का टीकाकरण करने का निर्णय लिया है। जिले में एक लाख 35 हजार जानवरों का टीकाकरण होना है। अब तक विभाग ने 45,227 जानवरों का टीकाकरण कर भी दिया है।

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जागरूकता की कमी के कारण कई मवेशियों की हालत गंभीर
इधर बागेश्वर जिले में 50 से अधिक गांवों में लंपी वायरस का प्रकोप देखने को मिल रहा है। बागेश्वर, कपकोट और गरुड़ तहसील के गांवों में संक्रमित मवेशियों की संख्या कांडा, काफलीगैर और दुग नाकुरी तहसील के गांवों से अधिक है। बीमार पशुओं का समय पर इलाज शुरू किए जाने पर दो से तीन दिन में बीमारी ठीक हो रही है लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई मवेशियों की हालत गंभीर हो रही है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आर. चंद्रा ने बताया कि जिले में अब तक 1148 मवेशियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है अधिकांश मवेशी ठीक हो चुके हैं। अब तक 19,351 पशुओं का टीकाकरण भी किया जा चुका है। लोगों से लगातार पशुओं के बीमार होने की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने की अपील की जा रही है। 
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अल्मोड़ा में 32 टीम जुटी हैं टीकाकरण और उपचार में
अल्मोड़ा। लंपी वायरस की भयावकता बढ़ रही है जिससे पशुपालकों और विभाग की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की अवकाश निरस्त कर उन्हें टीकाकरण और इलाज में लगाया गया है। जिले में पशुपालन विभाग की 32 टीम जानवरों का टीकाकरण और इलाज करने में जुटी हैं। संवाद

वैक्सीन की हो सकती है कमी
अल्मोड़ा। लंपी वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पशुपालन विभाग को जानवरों के टीकाकरण को बीते दिनों 50 हजार डोज वैक्सीन उपलब्ध हुई थी। अब तक विभाग ने 45 हजार जानवरों का टीकाकरण किया है। हर रोज औसतन तीन हजार से अधिक जानवरों का टीकाकरण हो रहा है। ऐसे में विभाग के पास महज एक या दो दिन के लिए वैक्सीन का स्टॉक शेष है। जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध नहीं हुई तो टीकाकरण अभियान में अड़ंगा लग सकता है।

वैक्सीन समय-समय पर उपलब्ध हो रही है। लंपी वायरस से निपटने के लिए विभाग तत्परता से जुटा है जिसमें सफलता मिल रही है। जल्द ही इस वायरस से निजात मिलेगी। - डॉ. उदयशंकर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अल्मोड़ा।

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लंपी वायरस के चलते जानवर बीमार हो रहे हैं। तेज बुखार, शरीर में सूजन और दाने निकलना इसके लक्षण हैं। समय पर इलाज मिलने से जानवर जल्दी स्वस्थ हो रहे हैं जो राहत की बात है। क्षेत्र में टीकाकरण और इलाज चल रहा है। - डॉ. श्वेता यादव, पशु चिकित्साधिकारी, सोमेश्वर।
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