जागरूकता की कमी के कारण कई मवेशियों की हालत गंभीर
इधर बागेश्वर जिले में 50 से अधिक गांवों में लंपी वायरस का प्रकोप देखने को मिल रहा है। बागेश्वर, कपकोट और गरुड़ तहसील के गांवों में संक्रमित मवेशियों की संख्या कांडा, काफलीगैर और दुग नाकुरी तहसील के गांवों से अधिक है। बीमार पशुओं का समय पर इलाज शुरू किए जाने पर दो से तीन दिन में बीमारी ठीक हो रही है लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई मवेशियों की हालत गंभीर हो रही है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आर. चंद्रा ने बताया कि जिले में अब तक 1148 मवेशियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है अधिकांश मवेशी ठीक हो चुके हैं। अब तक 19,351 पशुओं का टीकाकरण भी किया जा चुका है। लोगों से लगातार पशुओं के बीमार होने की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने की अपील की जा रही है।
अल्मोड़ा में 32 टीम जुटी हैं टीकाकरण और उपचार में
अल्मोड़ा। लंपी वायरस की भयावकता बढ़ रही है जिससे पशुपालकों और विभाग की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की अवकाश निरस्त कर उन्हें टीकाकरण और इलाज में लगाया गया है। जिले में पशुपालन विभाग की 32 टीम जानवरों का टीकाकरण और इलाज करने में जुटी हैं। संवाद
वैक्सीन की हो सकती है कमी
अल्मोड़ा। लंपी वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पशुपालन विभाग को जानवरों के टीकाकरण को बीते दिनों 50 हजार डोज वैक्सीन उपलब्ध हुई थी। अब तक विभाग ने 45 हजार जानवरों का टीकाकरण किया है। हर रोज औसतन तीन हजार से अधिक जानवरों का टीकाकरण हो रहा है। ऐसे में विभाग के पास महज एक या दो दिन के लिए वैक्सीन का स्टॉक शेष है। जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध नहीं हुई तो टीकाकरण अभियान में अड़ंगा लग सकता है।
वैक्सीन समय-समय पर उपलब्ध हो रही है। लंपी वायरस से निपटने के लिए विभाग तत्परता से जुटा है जिसमें सफलता मिल रही है। जल्द ही इस वायरस से निजात मिलेगी।
- डॉ. उदयशंकर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अल्मोड़ा।
ये भी पढ़ें...Champawat: खटीमा से पिथौरागढ़ जा रही मैक्स अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटी, एक की मौत, आठ घायल
लंपी वायरस के चलते जानवर बीमार हो रहे हैं। तेज बुखार, शरीर में सूजन और दाने निकलना इसके लक्षण हैं। समय पर इलाज मिलने से जानवर जल्दी स्वस्थ हो रहे हैं जो राहत की बात है। क्षेत्र में टीकाकरण और इलाज चल रहा है।
- डॉ. श्वेता यादव, पशु चिकित्साधिकारी, सोमेश्वर।