द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। राज्य आंदोलनकारियों ने कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष और मनरेगा कर्मी नारायण सिंह रावत को हटाने की मांग पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें मनरेगा कर्मी से हटाने और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई न होने तक वे चुप नहीं बैठेंगे।
द्वाराहाट इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक और विधायक मदन बिष्ट के बीच हुए विवाद के आरोपी नारायण सिंह रावत को कांग्रेस ने तो पद से हटा दिया है। अब उन्हें मनरेगा कर्मी पद से हटाने की मांग पर राज्य आंदोलनकारियों ने भी मोर्चा खोल दिया है।
सोमवार को आंदोलनकारी विकासखंड मुख्यालय पहुंचे और रावत को मनरेगी कर्मी पद से हटाने और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग पर धरना शुरू किया। उन्होंने कहा कि रावत क्षेत्र के लोगों को आए दिन धमका रहे हैं, इससे उनमें डर का माहौल है। इस मामले पर पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
इस दौरान आंदोलनकारियों ने पुलिस और विकासखंड के अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए। चेतावनी दी कि रावत को पद से नहीं हटाए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।
यहां आंदोलनकारी संगठन के मनोज अधिकारी, कैलाश फुलारा, सुरेन्द्र लाल साह, चंदन नेगी, बिपिन पंत, गोपाल सिंह रांणा, बीरेंद्र बजेठा, मदन गिरी, भूपाल राम आर्या,लक्ष्मण किरौला, चंद्रशेखर जोशी आदि मौजूद रहे।