चौखुटिया (अल्मोड़ा)। कोटयूड़ा ताल में आयोजित शिव महापुराण के तीसरे दिन व्यास बालादत्त जोशी ने शिव की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि भोले शंकर की सच्चे मन से आराधना करने वाले भक्त जीवन में हमेशा सफलता की बुलंदियों को छूते हैं। उन्होंने अध्यात्म के वास्तविक मायने समझाते हुए कहा कि कथा सुनने से तमाम तरह के विकार और अहंकार दूर होने के साथ ही व्यक्ति सहनशील और विनम्र हो जाता है। कथा का आयोजन संत अमावश गिरि महाराज के सानिध्य में हो रहा है। कथा के दौरान भजन-कीर्तनों का सिलसिला भी जारी है।