600 से अधिक टैक्सियां बागेश्वर में नहीं चलीं, रोडवेज और केमू की बसों में सीट के लिए मारामारी, कई यात्री बैरंग लौटे
04 गुना फिटनेस शुल्क वृद्धि और निजी हाथों में सौंपने के फैसले के खिलाफ और टैक्सी चालकों ने किया प्रदर्शन
अल्मोड़ा। टैक्सी की फिटनेस के लिए निजी केंद्रों में हो रही अवैध वसूली के विरोध में संचालकों ने टैक्सी का संचालन ठप रखा। जिले में 4000 से अधिक टैक्सी के पहिए थमे रहे। इसकी मार यात्रियों को सहनी पड़ी। लोगों का गांवों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। यात्री टैक्सी के लिए स्टेशन में भटकते रहे, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। यात्रियों ने केमू, रोडवेज स्टेशन की दौड़ लगाई। भीड़ अधिक होने से यहां भी सीट के मारामारी रही।
जिले में रोडवेज और केमू का सीमित संचालन होने से टैक्सी यहां की सड़कों की लाइफलाइन मानी जाती है। जिले के नगर, रानीखेत, सोमेश्वर, भतरौंजखान, भिकियासैंण, सल्ट, देघाट, स्याल्दे, लमगड़ा, दन्या सहित विभिन्न हिस्सों से नगर सहित अन्य कस्बों और मैदानी क्षेत्रों के लिए हर रोज 4000 से अधिक टैक्सी का संचालन होता है। इनमें हजारों यात्री सफर करते हैं।
शनिवार को टैक्सी संचालकों ने फिटनेस सेंटर में वाहनों की फिटनेस के लिए अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए टैक्सी संचालन ठप रख हड़ताल कर दी। इसकी सीधी मार यात्रियों को सहनी पड़ी। नगर सहित अन्य प्रमुख बाजारों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में टैक्सी खड़ी रहीं, इससे लोगों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। उनके लिए जरूरी काम से घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया। जिला मुख्यालय में माल रोड और धारानौला टैक्सी स्टैंड में यात्रियों की खासी भीड़ जुटी रही लेकिन टैक्सी के पहिए थमने से उन्हें केमू और रोडवेज स्टेशन का रुख करना पड़ा। भीड़ अधिक होने से केमू और बस में भी सीट के लिए मारामारी रही।
रोडवेज की चार बसें भी नहीं चलीं
अल्मोड़ा। मैदानी क्षेत्रों की तरफ आवाजाही करने वाले यात्री बड़ी संख्या में रोडवेज स्टेशन पहुंचे। टनकपुर, बेतालघाट-दिल्ली, लमगड़ा-दिल्ली, देहरादून और सायंकालीन देहरादून सेवा का संचालन ठप रहने से उन्हें खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। कई यात्री फिर से अपने ठिकाने की तरफ लौटे तो कई यात्रियों ने निजी वाहन बुक कर गंतव्य को रवाना होना पड़ा।
मरीजों के लिए अस्पताल पहुंचना हुआ मुश्किल
अल्मोड़ा। जिले के अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में केमू और रोडवेज बस का संचालन नहीं होता है। केवल टैक्सी के भरोसे लोग आवाजाही करते हैं। यहां तक कि मरीजों के लिए अस्पताल पहुंचने का एकमात्र जरिया टैक्सी है। शनिवार को टैक्सी के पहिए थमने से मरीजों के लिए अस्पताल पहुंचना भी मुश्किल हुआ। पेट दर्द से जूझ रही सल्ट की कौशल्या ने कहा कि वह रानीखेत उप जिला चिकित्सालय जाने के लिए सुबह से ही टैक्सी का इंतजार करती रहीं, लेकिन मायूसी हाथ लगी। उसे घर लौटना पड़ा। लमगड़ा के कैलाश सिंह ने कहा कि वह बुखार से जूझ रहे अपने बच्चे को जिला मुख्यालय ले जाने के लिए टैक्सी का इंतजार करते रहे लेकिन बैरंग घर लौटना पड़ा।
द्वाराहाट में मुख्य चौराहे पर किया प्रदर्शन
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। टैक्सी यूनियन ने टैक्सी का संचालन बंद कर प्रदर्शन मुख्य चौराहे पर प्रदर्शन किया। यूनियन अध्यक्ष दीपक चौधरी ने कहा कि फिटनेश के लिए निजी केंद्रों की व्यवस्था की गई है, यहां केंद्र संचालन मनमाना पैसा वसूल रहे हैं। ऐसे में टैक्सी संचालकों और स्वामियों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। यहां उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सचिव हीरा सिंह, कोषाध्यक्ष चंदन सिंह रौतेला आदि शामिल रहे।
परिवहन निगम के निर्देश हवाई
अल्मोड़ा। टैक्सी संचालकों की हड़ताल के बाद परिवहन निगम ने रोडवेज और केमू की अतिरिक्त सेवाओं का संचालन कर यात्रियों को राहत पहुंचाने के दावे किए जो हवाई साबित हुए। केमू और रोडवेज के अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें अतिरिक्त सेवाओं के संचालन के कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए। ऐसे में पूर्व की तरह की सेवाओं का संचालन हुआ।
बोले यात्री
सोमेश्वर में घंटों टैक्सी का इंतजार किया, लेकिन राहत नहीं मिली। तीन घंटे के इंतजार के बाद किसी तरह केमू बस से जिला मुख्यालय पहुंचा। यहां से लौटना मुश्किल हो रहा है।
केवलानंद शर्मा, मनान।
जरूरी काम से परिवार सहित जिला मुख्यालय आना था, लेकिन टैक्सी न मिलने से वापस घर लौटना पड़ा। टैक्सी संचालन जल्द शुरू नहीं हुआ तो दिक्कत होगी।
अमर नाथ, घनेली।
कोट- पूर्व की तरह की रोडवेज बस सेवाओं का संचालन हुआ। निजी टैक्सी की हड़ताल के कारण बस में यात्रियों की भीड़ रही। चालकों की कमी के चलते चार रूट पर बसों का संचालन नहीं हुआ।- राजेंद्र कुमार आर्या, एआरएम, अल्मोड़ा डिपो।
कोट- पूर्व की तरह सभी सेवाएं संचालित हुईं। अतिरिक्त बस संचालन के कोई निर्देश नहीं मिले।
बीबी चंदोला, सुपरवाईजर, केमू, अल्मोड़ा।
कोट- यात्रियों को राहत देने के लिए केमू और रोडवेज को अतिरिक्त बस संचालन के निर्देश दिए गए। टैक्सी संचालकों से वार्ता की जाएगी।
गुरुदेव सिंह, आरटीओ, अल्मोड़ा।
कोट-वाहनों की फिटनेस के नाम पर मनमानी दर पर पैसे लिए जा रहे हैं। परिवहन विभाग को इस पर लगाम लगानी होगी। ऐसा नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
नीरज पवार, महासचिव, टैक्सी यूनियन, अल्मोड़ा।
मंदी के दौर में कहां से दें चार गुना फिटनेस शुल्क
चौखुटिया(अल्मोड़ा)। टैक्सी यूनियन ने शनिवार को क्षेत्र में टैक्सियों का संचालन बंद रखा। प्रदर्शन और नारेबाजी के दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मंदी के दौर के चलते टैक्सी संचालक पहले से ही परेशान हैं। अब फिटनेस शुल्क में चार गुना वृद्धि की गई है। इससे टैक्सी संचालकों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। वक्ताओं ने कहा कि फिटनेस का कार्य भी निजी हाथों में सौंपने का षड़यंत्र किया जा रहा है। कहा गया कि यदि यूनियन से जुडे़ महासंघ के साथ सरकार की वार्ता संतोषजनक नही रही तो फिर बेमियादी हड़ताल की जाएगी। वहां पर यूनियन के अध्यक्ष भुवन आर्या, उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, सचिव रघुवर सिंह, हरीश पांडे, रमेश पांडे, हरीश जोशी,कैलाश बिष्ट, गोपाल सिंह थे। संवाद
बागेश्वर/कपकोट। वाहनों की फिटनेस का काम निजी हाथों में देने के विरोध में टैक्सी यूनियनों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। जिला मुख्यालय में टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया। कपकोट में टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने एक घंटे तक सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
शनिवार को नगर के विभिन्न टैक्सी यूनियनों के सदस्यों ने डीएम और एसपी कार्यालय में प्रदर्शन किया। टैक्सी मालिकों और चालकों का कहना है कि निजी हाथों में वाहनों की फिटनेस का काम देने से अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। पहले ढाई हजार में फिटनेस होती थी, अब आठ से दस हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। टैक्सी यूनियनों ने पूर्व की तरह फिटनेस का काम सरकारी स्तर पर करवाने की मांग की। वहां पर पुष्कर जोशी, प्रकाश उपाध्याय, उमेश पांडेय, शिव सिंह, अरविंद खेतवाल, भजन गढि़या, हिमांशु कुंवर, राजेंद्र नेगी आदि थे।
इधर, कपकोट में हाइडिल के समीप टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने निजीकरण के विरोध में कपकोट-बागेश्वर मोटर मार्ग को जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक यूनियन के सदस्य सड़क पर जमे रहे। इस दौरान वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। शामा से बागेश्वर को आ रही केमू की बस भी जाम में फंस गई। बस स्टाफ और यात्रियों के साथ टैक्सी यूनियन के सदस्यों की कहासुनी तक हो गई। जिसके बाद यात्रियों ने 112 पर फोन कर पुलिस बुला ली।
थानाध्यक्ष विवेक भट्ट पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुुंचे और बिना अनुमति के सड़क जाम कर रहे टैक्सी यूनियन के सदस्यों को मौके से हटाया। पुलिस के दखल के बाद सड़क खुली और वाहनों की आवाजाही सुचारू हुई। इस मौके पर केवलानंद जोशी, नंदन प्रसाद, नंदन कोरंगा, बलवंत जोशी, कमल कुमार, विवेक कोरंगा, ललित तिरुवा, प्रेम तिरुवा, कमल ऐठानी आदि मौजूद रहे।
टैक्सी स्टैंड से दो किमी पहले उतारे यात्री
बागेश्वर। सुबह के समय गांवों से टैक्सी चालक सवारियों को बैठाकर बाजारों तक लाए। हालांकि बाद में आंदोलन के चलते चालकों ने टैक्सियों को स्टैंड में खड़ा कर दिया। जिसके कारण दिन के समय यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। कुछ चालकों ने टैक्सी स्टैंड से दो या तीन किमी पहले ही वाहन रोककर यात्रियों को उतार दिया। जिससे लोगों को गंतव्य तक जाने के लिए पैदल भी चलना पड़ा।
फोटो- 27 एएलएम 24 पी- अल्मोड़ा में टैक्सी स्टैंड में खड़ीं टैक्सी। संवाद