अल्मोड़ा। जिले में तबादला एक्ट के तहत 291 प्राथमिक शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए आवेदनपत्र भरा है। शासन स्तर पर नई नियुक्तियां भी होनी हैं लेकिन शिक्षकों के स्थानांतरण में देरी होने से हालात पूरी तरह बदल सकते हैं। यदि नई नियुक्तियों से पहले स्थानांतरण नहीं हुए तो कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी हो सकती है। जिले के 120 से अधिक स्कूल एकल शिक्षक के सहारे संचालित होंगे और यहां छात्रों की नैया पार लगाने को नए शिक्षकों का मिलना मुश्किल हो जाएगा। समय से स्थानांतरण न होने से शिक्षकों में नाराजगी है।
शिक्षा विभाग ने वर्ष 2022-23 के लिए शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण के लिए तबादला एक्ट के तहत आवेदन पत्र मांगे। विभाग ने अनिवार्य और अनुरोध वाले आवेदन पत्रों पर कार्रवाई कर इनकी स्थानांतरण सूची निर्गत कर दी लेकिन धारा-27 के तहत मिले आवेदनों पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
अल्मोड़ा जिले से प्रारंभिक शिक्षा के 291 आवेदन पत्र निदेशालय को भेजे गए हैं। ये वे शिक्षक हैं जो पति-पत्नी के रूप में यहां के स्कूलों में तैनात हैं या फिर गंभीर बीमारी से पीड़ित है या जिनके बेटा-बेटी अस्वस्थ या दिव्यांग हैं। इन शिक्षकों संवर्ग परिवर्तन होना है। संवर्ग परिवर्तन केवल धारा-27 के अंतर्गत ही विभागीय प्रस्ताव पर शासन स्वीकृति देता है।
नई नियुक्ति से पहले नहीं हुए तबादले तो बदलेगा स्कूलों का गणित
अल्मोड़ा। शासन स्तर पर भले ही इन शिक्षकों का स्थानांतरण लंबित है लेकिन इनका स्थानांतरण होना निश्चित है। इसी बीच शिक्षकों की नई नियुक्तियां भी होनी हैं। यदि नई नियुक्तियों से पहले स्थानांतरण नहीं हुआ तो संबंधित स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त नहीं माने जाएंगे और वहां नए शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकेगी। ऐसे में नए शिक्षकों को अन्यत्र स्कूलों में तैनाती मिलेगी और स्थानांतरण के बाद कई स्कूल या तो एकल शिक्षक के भरोसे संचालित होंगे या उनके लिए शिक्षकों की व्यवस्था करना विभाग के लिए चुनौती होगा।
कोट- तबादला एक्ट की धारा 27 के तहत शिक्षकों के आवेदनपत्रों पर कार्यवाही न करना उनके साथ अन्याय है। अभी नई नियुक्तियां होनी हैं। यदि स्थानांतरण नई नियुक्तियों के बाद किया जाएगा तो कई स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे रह जाएंगे, जो छात्रों के हित में भी सहीं नहीं होगा।
जगदीश भंडारी, जिला मंत्री, प्राथमिक शिक्षक संघ, अल्मोड़ा।