नयाल गांव में अवैध लीसे के साथ मौजूद डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया व उनकी टीम। संवाद
अल्मोड़ा। जिले में लीसा का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस ने जिले के नायल गांव में एक पुराने मकान से अवैध लीसे की बढ़ी खेप पकड़ी है। टीम ने छापा मारकर के दौरान मकान से 247 टिन लीसा बरामद किया है जिसकी कीमत तीन लाख 45 हजार 741 आंकी गई है। हालांकि टीम आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। लेकिन उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
वन विभाग सिविल सोयम को नायल गांव के एक पुराने मकान में अवैध लीसा रखने की सूचना मिली। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया टीम के साथ मौके पर पहुंचे। भीतर देखने पर वहां 247 टिन अवैध लीसा मिला, जिसे टीम ने अपने कब्जे में लिया। डीएफओ मर्तोलिया ने बताया कि मकान मालिक को मौके पर बुलाकर लीसे के बारे में जानकारी ली गई, लेकिन उसने कमरा लमगड़ा निवासी कमल सतवाल को किराए में दिया था। उससे संपर्क करने पर उसका फोन बंद मिला। विभाग ने उसके खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के तहत जागेश्वर रेंज के तहत स्थित थाने में मुकदमा दर्ज किया है। डीएफओ ने कहा कि कमल सतवाल लीसा दोहन का ठेकेदार है, जिसका लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
नवंबर तक डिपो में जमा होता है लीसा, मिला पुराने मकान में
अल्मोड़ा। वन विभाग के मुताबिक जंगलों से दोहन के बाद लीसा नवंबर तक डिपो में जमा होता है। नए लौट में वर्तमान में लीसा गढ़ान चल रहा है। ऐसे में पुराने लौट का लीसा डिपो में न पहुंचकर एक पुराने मकान में मिलने पर वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं।