सेराघाट में सरयू किनारे स्थित पाताल वृत्तेश्वर मंदिर में महायज्ञ के लिए तैयार वेदी।। संवाद
धौलछीना (अल्मोड़ा)। सेराघाट के नाली में सरयू नदी किनारे पाताल वृत्तेश्वर मंदिर में 111 कुंडीय महायज्ञ होगा। पंडित यहां सात दिन तक 11 करोड़ शिव मंत्रों का जाप करेंगे, जिसकी तैयारी शुरू हो गई है। क्षेत्र में पहली बार इस तरह का धार्मिक आयोजन होगा, जिसके लिए भक्तों में खासा उत्साह है।
भैसियाछाना विकासखंड के नाली में पहले 111 कुंडीय महारुद्र यज्ञ का आयोजन 11 मई से 17 मई तक होगा। निरंजनी अखाड़ा के केशवानंद गिरी महाराज की देखरेख में काशी के विद्वान यज्ञ संपन्न कराएंगे। इसके आयोजन के लिए अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के 111 गांवों के ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष गोकुल सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पहली बार इस तरह का आयोजन हो रहा है। इसके सफल आयोजन के लिए समिति का गठन किया गया है। महारुद्र यज्ञ में 111 किलो देसी घी, 5 क्विंटल तिल, 2.5 क्विंटल जौं, डेढ़ क्विंटल चावल का प्रयोग होगा।
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प्राचीन मंदिरों में शामिल है वृत्तेश्वर
धौलछीना। सेराघाट में सरयू नदी के किनारे स्थित पाताल वृत्तेश्वर शिव मंदिर प्राचीन मंदिरों में शामिल है। मान्यता है कि सालों पूर्व गांव के किसी किसान को खेत में हल चलाते समय शिवलिंग दिखाई दिया। गहरी खुदाई के बाद भी इसकी गहराई का पता नहीं चल सका। बाद में यहां शिव मंदिर का निर्माण किया गया। आज भी शिवलिंग के ऊपर हल के निशान देखे जा सकते हैं। पाताल से उत्पन्न हुए शिवलिंग के कारण ही मंदिर का नाम पाताल वृत्तेश्वर शिव मंदिर रखा गया।
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