अल्मोड़ा। जिले के 11 माध्यमिक विद्यालय क्लस्टर मॉडल विद्यालयों के रूप में विकसित होंगे। पहले चरण में हर ब्लॉक से एक विद्यालय का चयन किया गया है। इन क्लस्टर विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, कक्ष समेत अन्य व्यवस्थाओं का विस्तार होगा। क्लस्टर मॉडल विद्यालय के पांच किमी दायरे में स्थित अन्य विद्यालयों को इसमें शामिल किया जाएगा।
शिक्षा विभाग जिले में छात्र संख्या कम होने और शिक्षक की कमी से जूझ रहे विद्यालयों को क्लस्टर विद्यालयों में संचालित करेगा। पांच किमी के दायरे में स्थित विद्यालयों का एक क्लस्टर बनाया जाएगा। ऐसे में मुख्य क्लस्टर विद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी और बेहतर पठन-पाठन होगा।
वहीं क्लस्टर विद्यालय में पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, खेल के मैदान, खेल उपकरण आदि सुविधाओं का विस्तार होगा, जिसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। इनके अलावा आईसीटी के माध्यम से वर्चुअल कक्षाओं का भी विद्यार्थी लाभ ले सकेंगे। इससे शिक्षा का स्तर बेहतर होने के साथ ही, संसाधनों के अभाव में पिछड़ रहे विद्यार्थियों का विकास हो सकेगा। पहले चरण में जिले के 11 विकासखंडों में क्लस्टर विद्यालयों का चयन किया गया है। संवाद
नई तकनीक से विद्यार्थियों का होगा विकास
अल्मोड़ा। क्लस्टर विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाओं का आयोजन, कला और विज्ञान प्रदर्शनियां, खेल गतिविधियां, वाद-विवाद, भाषण प्रतियोगिता, नाटक आदि गतिविधियों का आयोजन होगा। वहीं कला, संगीत, और व्यावसायिक विषयों का ज्ञान भी विद्यार्थियों को मिलेगा।
इन विद्यालयों का हुआ चयन
1. महाकालेश्वर
2. भिकियासैंण
3. बगवालीपोखर
4. नैकणा पैसिया
5. सराईखेत
6. देवलीखेत
7. बाड़ेछीना
8. भेटाबडौली
9. रैंगल जीआईसी
10. जलना
11. सारखेत जीजीआईसी
कोट
पहले चरण में हर ब्लॉक से एक विद्यालय का क्लस्टर विद्यालय के रूप में चयन किया गया है। इन विद्यालयों में सभी जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, इसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। - पीएस जंगपांगी, खंड शिक्षा अधिकारी, हवालबाग, अल्मोड़ा।