देश के साथ विदेश में भी लगातार यूपी के युवाओं की मांग बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया जा रहा है। श्रमिकों को विदेश भेजने के लिए लाइसेंस धारी एजेंसियों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई श्रमिक एजेंटों की मदद से विदेश जाते थे, उन्हें शोषण या धोखाधड़ी का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को दूर करने के लिए समितियों का गठन किया जा रहा है। मिशन को उच्च स्तरीय संस्था के रूप में सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम के तहत पंजीकृत किया जाएगा। इसका संचालन पांच स्तर की समितियों द्वारा किया जाएगा। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि वैश्विक स्तर पर प्रदेश की श्रम शक्ति खासकर पैरा मेडिकल, नर्सिंग स्टाफ, ड्राइवर, कुशल श्रमिकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। अब तक विदेशों में रोजगार के लिए राज्य को रिक्रूटिंग एजेंट (आरए) लाइसेंसधारी एजेंसियों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन मिशन के गठन के साथ ही सरकार स्वयं आरए का लाइसेंस प्राप्त कर सकेगी, जिससे अब बेरोजगारों को सीधे विदेशों में भेजा जा सकेगा। श्रम मंत्री ने यह भी बताया कि वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश की मैनपावर खासकर पैरा मेडिकल, नर्सिंग स्टाफ, ड्राइवर्स, कुशल श्रमिकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह मिशन राज्य की उस क्षमता को दिशा और अवसर देने का माध्यम बनेगा।