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दोस्तों पर जान लुटाता था यशार्थ, नि:स्वार्थ करता था दूसरों की मदद

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मुगलसराय से वाराणसी लौटते समय कार हादसे में शिवपुर स्थित रुद्रा अपार्टमेंट निवासी यशार्थ श्रीवास्तव (32) के निधन से दोस्त और करीबी गमजदा है। अग्रसेन कन्या पीजी कालेज में जूलॉजी डिपार्टमेंट की हेड डॉ. संगीता श्रीवास्तव के बेटे यशार्थ के निधन की सूचना मिलते ही शिक्षा जगत के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। कोचिंग संचालक यशार्थ के बारे में उसके दोस्तों और करीबियों ने बताया कि वह समाजसेवा के लिए आधी रात को भी तैयार रहता था। किसी को ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत हो या फिर कैंसर अस्पताल में किसी को ब्लड की वह नि:स्वार्थ भाव से मदद करता था। अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज की शिक्षिका रश्मि ने बताया कि ईश्वर ने बहुत गलत किया। नेकदिल इंसान और दूसरों की मदद करने वाला यशार्थ एक फोन पर सेवा के लिए तैयार रहता था। कोरोना संक्रमण काल में लोग घरों से बाहर निकलने में कतराते थे, वहीं यशार्थ अनजान के लिए भी ब्लड देने आधी रात में बीएचयू के कैंसर अस्पताल पहुंच जाता था। दोस्तों का चहेता था, एक तरह से कहें तो जान लुटाता था। 23 मई की रात मुगलसराय से बनारस लौटते समय चंदासी कोल मंडी में कार डिवाइडर से टकराई गई, ड्राइवर की बगल की सीट पर बैठे यशार्थ की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वहीं, दोस्त को भी सिर में चोटें आई। अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज के प्रबंधक अनिल जैन ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
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