वाराणसी। ज्योतिर्मठ शारदा पीठ के ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का 102वां प्राकट्योत्सव सोमवार को केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ में उल्लास के साथ मनाया गया। वैदिक आचार्यों के सान्निध्य में शंकराचार्य के चरण पादुका का पूजन हुआ। मोदक से अर्चन हुआ। वैदिक आचार्य मणि झा, ओमप्रकाश पांडेय, विनय भूषण तिवारी, शिवाकांत मिश्रा, अनिरुद्ध मिश्रा ने रुद्राभिषेक किया। 108 वैदिक विद्यार्थियों ने चतुर्थ वेद का पारायण किया। दिनभर भजन कीर्तन और भंडारा चला। शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में दो बार जेल यात्रा भी गए थे। वे राममंदिर आंदोलन में भी जेल गए थे। सबसे अधिक चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान करने वाले संन्यासी भी थे। संवाद