पिंडरा। करखियांव औद्योगिक क्षेत्र में अमूल प्लांट के मुख्य द्वार पर शनिवार को मजदूरों ने मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सुबह से शुरू हुआ हंगामा शाम 6 बजे तक चला। जिससे प्लांट का कामकाज पूरी तरह बाधित रहा। मजदूरों ने ठेकेदार और कंपनी प्रबंधन पर आर्थिक शोषण, मनमाने ढंग से काम कराने और वेतन विसंगति के आरोप लगाए। स्थिति को बिगड़ते देख भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। सांसद प्रिया सरोज के एक सप्ताह में समस्याओं के निस्तारण के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। मजदूरों का कहना था कि ठेकेदार और अमूल कंपनी वाले पूरे महीने बिना छुट्टी के काम करवा रहे हैं। मजदूरों ने आरोप लगाया कि भर्ती के समय दो वर्ष में मानदेय बढ़ाने का वादा किया गया था, जिसे पूरा नहीं किया गया। महिला मजदूरों ने कहा कि उनसे पुरुषों के बराबर काम लिया जाता है, लेकिन मजदूरी कम दी जाती है। हंगामे के दौरान मजदूरों ने दूध से लदी गाड़ियों को रोक दिया। एडीसीपी नृपेंद्र कुमार और फूलपुर इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह पहुंचे। अधिकारियों ने घंटों तक मजदूरों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मजदूर अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्लांट मैनेजर आलोक मणि त्रिपाठी और सुपरवाइजर विनोद दुबे ने भी वार्ता की कोशिश की, लेकिन उनकी नहीं चली। मैनेजर का कहना था कि मजदूरों का सीधा संबंध प्लांट से नहीं बल्कि ठेकेदारी प्रथा से है, इसलिए वेतन का निर्धारण ठेकेदार ही करता है। प्रदर्शन की सूचना पर शाम में सांसद प्रिया सरोज पहुंची। एक हफ्ते में समाधान का आश्वासन देने पर मजदूरों ने धरना समाप्त किया। संवाद