हर साल की तरह इस साल भी 43वें दौर में आठवें इमाम अली रजा की शहादत पर गम मनाने के लिए मजलिस का आयोजन 11 अगस्त को होगा। इस दौरान अंगूरों वाला ताबूत उठाया जाएगा। इसे अंगूरों वाला ताबूत इसलिए कहते हैं कि इमाम रजा को धोखे से अंगूर में जहर मिलाकर खिलाया गया था और उनकी शहादत हो गई थी।यह जानकारी डॉ. नुजहत फातमा और नौशीन फातमा ने दी। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त को मजलिस का आगाज एक बजे दिन में मोहतरमा माहे तलत और कनीज फातमा की तिलावत से होगा। बालिका अनाया फातमा अल्लाह के नाम से मजलिस का आगाज करेंगी। इसके बाद सोजख्वानी और मर्सिया तजीन फातमा और मेहरीन फातमा करेंगी। मजलिस को खिताब करने के लिए मोहतरमा तंजीम आब्दी, रौनक अफरोज होंगी। मजलिस के समापन पर हाय इमाम रजा की सदाओं के साथ अंगूरों वाला ताबूत उठाया जाएगा। भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खान की बड़ी बेटी मोहतरमा जरीना फातमा अपने सहयोगियों के साथ नौहा पढ़ेंगी। वह पिछले 42 सालों से लगातार नौहा पढ़ रही हैं। नौहाख्वानी करने के लिए अंजुमन अंसारे हुसैनी अवामी बड़ी बाजार दोषीपुरा को आमंत्रित किया गया है। संयोजिकाओं ने खवातीन से गुजारिश की है वक्त की पाबंदी का ख्याल रखें।