महिला अस्पताल के बाहर से मां के साथ आए व्यक्ति की जब बेटों ने हजाम को बुलाकर बढ़े बाल व दाढ़ी कटवाई तो लोगों में चर्चा शुरू हो गई। नहलाने व कपड़ा पहनाने के बाद परिजनों ने मोतीचंद वर्मा न होने की बात की। परिजनों ने पूछताछ की तो उसने बताया कि मैं नगरा थाना के मालीपुर सिसौरा गांव निवासी राहुल राम हूं। उसके बताए पते पर परिजनों ने सूचना दी। शनिवार की शाम को राहुल के परिजन उसे आकर लेते गए।
सोशल मीडिया पर शुक्रवार की शाम से एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें जिला महिला अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर बैठे एक मानसिक रूप से अस्वस्थ अर्धनग्न व्यक्ति के पास दौड़ती हुई पहुंची। उसने अपना दुपट्टा उतारकर उस व्यक्ति को ओढ़ाते हुए गले लगकर बिलखने लगी। यह देख आसपास सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई।
वह किसी की परवाह न कर उस व्यक्ति से रूंधे गले से पागलों जैसी बातें करने लगी। कभी उसके बालों से जू निकालती तो कभी उसे संवारने लगती तो कभी दुपट्टे से उसका शरीर ढकती। वह व्यक्ति किसी को पहचान भी नहीं पा रहा था, चुपचाप बैठा रहा। कुछ लोगों से पूछने पर रोते हुए महिला ने बताया कि दस वर्ष पूर्व भूले उसके पति मोतीचंद वर्मा हैं, जिनकी कई वर्षों से तलाश में भटक रही हूं। पत्नी का उस व्यक्ति के प्रति प्यार व भाव देख वहां खड़े लोगों की आंखों से आंसू निकलने लगा। महिला उस व्यक्ति को पति समझ घर लेकर चली गई। घर पहुंचने पर पूरी कहानी ही बदल गई।