बिसरा सुरक्षित रखा गया, आदमपुर थाने में नहीं पड़ी कोई तहरीर
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। लाटभैरव के रामजानकी बाग मोहल्ले में मंगलवार रात सुशीला देवी की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। बुधवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले। चिकित्सकों ने हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि की। हालांकि, बिसरा सुरक्षित रखा गया है। परिजनों ने एक अधिवक्ता पर धक्का देकर मारने का आरोप लगाया था। इस मामले में कोई तहरीर भी नहीं दी गई है। आदमपुर थाने क्षेत्र के रामजानकी बाग मोहल्ले में रहने वाले ट्रॉली चालक कैलाश पाल का एक मुकदमा चल रहा था। मोहल्ले के रहने वाले एक अधिवक्ता से फीस को लेकर उसका विवाद हो गया। कैलाश पाल मां सुशीला देवी (57) और मामी संजू के साथ अधिवक्ता के घर रात में पहुंच गया। कैलाश का आरोप था कि विवाद के दौरान अधिवक्ता के धक्के से मां गिरी और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।