राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ की जमीन और भवन को बचाने के लिए अब राष्ट्रपति से गुहार लगाई जाएगी। पदाधिकारी देश के अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री व सांसदों से भी मिलेंगे। उधर, सविनय अवज्ञा सत्याग्रह में समर्थन का दायरा बढ़ा है।
राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ भवन के मुख्य द्वार पर मंगलवार को भी प्रदर्शन हुआ। संयोजक रामधीरज ने कहा कि दिल्ली जाकर सांसदों से मुलाकात की जाएगी। साथ ही मामले को संसद में उठाने की मांग की जाएगी। बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्रियों से राष्ट्रीय विरासत को बचाने की अपील की जाएगी। प्रयागराज, सोनभद्र ,मिर्जापुर, चंदौली, आजमगढ़, जौनपुर, छपरा, बक्सर, आरा से आए लोगों ने आंदोलन का समर्थन दिया है। कांग्रेस के पूर्व सांसद राजेश मिश्र, प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय, विजय पांडे, अपना दल के हरीश मिश्र, राजेश पटेल, योगीराज पटेल, साजिद अंसारी, बिलाल अंसारी ने भी सभा स्थल पहुंचकर अपना समर्थन दिया। जय किसान आंदोलन के रामजन्म यादव, लोक समिति के नंदलाल मास्टर ने भी अपनी बात रखी।
प्रधानमंत्री से मिलकर ज्ञापन सौंपने की तैयारी
सर्व सेवा संघ के आंदोलन में शामिल लोगों ने छह जुलाई को सभी दलों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई है। यह भी तय किया कि जिला प्रशासन से सात जुलाई को प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने की अनुमति मांगी जाएगी। अगर अनुमति नहीं मिली तो विरोध जताया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी
वाराणसी। राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ भवन ढहाने से संबंधित मामले में हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी है। संयोजक रामधीरज ने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में ऑनलाइन याचिका दाखिल की जाएगी। सर्वोच्च अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद है।