बाजार में पानी का कोई अन्य स्रोत उपलब्ध नहीं, क्षेत्रीय नेताओं से व्यापारी नाराज
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। पूर्वांचल की सबसे बड़ी गल्ला मंडी कही जाने वाली विशेश्वरगंज मंडी के व्यापारियों को पीने का पानी खरीदना पड़ता है। पूरे क्षेत्र में सरकारी पानी की आपूर्ति के लिए केवल एक नल है, जहां से सभी पानी लेते हैं। व्यापारी तो पानी खरीद लेते हैं, लेकिन मंडी में मौजूद श्रमिकों को पानी के लिए इधर-उधर झांकना पाड़ता है। पानी के लिए कोई अन्य संसाधन मौजूद नहीं है। इसे लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। पूरे क्षेत्र में विशेश्वरगंज तिराहे पर मौजूद एक चाय की दुकान के पास नल लगा है, जो दुकानदार का निजी कनेक्शन है। सभी दुकानदार इसी जगह से पानी लेते हैं।
बातचीत
बाजार में कोई नल नहीं है जिससे पानी पीया जा सके। सभी लोग निजी कनेक्शन से पानी लेकर पीते हैं। कुएं का पानी पीने लायक नहीं है और हैंडपंप खराब हैं। - केदार नाथ जायसवाल, विशेश्वरगंज
तीन साल पहले ही कुएं का सुंदरीकरण होना था, लेकिन नहीं हुआ। पानी का कोई संसाधन नहीं है। नल बहुत दूर है। पानी लाना पड़ता है। श्रमिकों को बहुत दिक्कत होती है। - राजेश्वर प्रसाद, विशेश्वरगंज
बाड़ा नंबर एक में स्थित कुएं का पानी पीने लायक नहीं है। पानी खरीद के मंगाते हैं। श्रमिकों को कुएं का पानी पीना पड़ता है। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होती। - विजय कांत, विशेश्वरगंज
पूरे मंडी के व्यापारी पानी खरीद के पीते हैं। कुएं का पानी पीने लायक नहीं है और हैंडपंप खराब हैं। व्यापारी सबसे अधिक टैक्स भरते हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं मिलतीं। - शशांक साहू, विशेश्वरगंज