कविताम्बरा कला केंद्र के सभागार में विश्व हिन्दी शोध संवर्धन अकादमी के त्वत्वधान में युग पुरुष
कवितांबरा कला केंद्र में विश्व हिंदी शोध संवर्धन अकादमी की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के उपलक्ष्य में संगोष्ठी हुई। कवि मधुकर मिश्र ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी साहित्य के प्रखर वक्ता, फूल से कोमल और वज्र से भी कठोर हृदय वाले, संकल्पों के धनी यशस्वी राजनेता थे। हिंदी के प्रबल समर्थक और भारतीय संस्कृति के प्राण थे। मधुकर मिश्र ने सुनाया मिली सफलता, शत्रु विफल थे, श्रम से यश के कमल खिले थे, जिसको करता याद पोखरण, रहे लक्ष्य पर अटल अटल थे...। अध्यक्षता डॉ. अलका दुबे ने की। इस दौरान कवि विजय चंद्र तिवारी, दिनेश दत्त पाठक, महेंद्र नाथ तिवारी, डॉ. शंभु नाथ शास्त्री, परमहंस तिवारी, ऋतु दीक्षित व निशा दुबे ने काव्य पाठ किया। संचालन गिरीश पांडेय काशिकेय ने किया।